
कर्णप्रयाग। ऊर्जा निगम की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। पिंडरघाटी और गैरसैंण क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निकट से गुजर रही ऊर्जा निगम की 66, 33 और 11 केवी विद्युत लाइनें जान के लिए खतरा बनी हुई है।
घरों और व्यावसायिक भवनों के निकट से गुजर रही विद्युत लाइन से वर्ष 2009 में कालेश्वर में एक किशोर और वर्ष 2010 में जाख गांव में एक महिला की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वर्ष 2011 में बमौथ गांव में दो युवक करंट से झुलस गए थे। वहीं लोगों के इलेक्ट्रानिक उपकरण भी अनियमित विद्युत सप्लाई से फूंक गए थे। इधर बीते रविवार को गैरसैंण के जलचौंरा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक किशोर की मौत हो गई है।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत लाइनों की मरम्मत के लिए समय-समय पर प्रस्ताव भेजे जाते हैं। आपदा के बाद से कई क्षेत्रों में लाइनों को क्षति पहुंची है, जिनका मरम्मत कार्य चल रहा है। ग्रामीण इलाकों में विद्युत लाइनों के निकट से गुजर रहे पेड़ों की लापिंग के लिए संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया गया है।
– गुलशन बुलानी, एसडीओ ऊर्जा निगम कर्णप्रयाग
