
बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापितों की बहुलता वाले बिलासपुर शहर में हाउस टैक्स लगाने का मामला सिरे नहीं चढ़ सका। वीरवार को आयोजित पहली ही बैठक में नगर परिषद बिलासपुर की बैठक में कार्यकारी अधिकारी ने शहरी विकास विभाग की ओर से हाउस टैक्स लगाने के मामले को लेकर मिले नोटिस के बारे में उपस्थित पार्षदों और अध्यक्ष को जानकारी दी। इस पर चर्चा शुरू हुई। उपस्थित अध्यक्ष एवं अन्य पार्षदों ने इसका विरोध किया। शहर में टैक्स लगाने से पहले सरकार को मालिकाना हक एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं देनी होगी। सूत्र बताते हैं कि टैक्स नहीं लगाने की सूरत में नगर परिषद की ग्रांट भी बंद हो सकती है।
नगर परिषद बिलासपुर की बैठक अध्यक्षा रजनी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में हाउस टैक्स के अलावा कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा गरमाया रहा। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक विस्थापितों को जमीनों का मालिकाना हक नहीं मिल जाता है, तब हाउस टैक्स लगाने का विरोध किया जाएगा। नगर परिषद पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इस मामले में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा से मिलेगा। उधर, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर परिषद कर्मचारियों को जल्द ही वेतन की अदायगी की जाएगी। दूसरे हैड के बजट से कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। नगर परिषद अध्यक्षा रजनी शर्मा ने कहा कि बैठक में मौजूद सभी पार्षदों ने हाउस टैक्स का विरोध किया है। भाखड़ा विस्थापितों का शहर अभी तक लीज पर ही है। विस्थापितों के पास जमीनों का मालिकाना हक नहीं है। यदि सरकार द्वारा विस्थापितों को सरकार द्वारा जमीन मालिकाना हक दिया जाता है तो हाउस टैक्स विरोध नहीं होगा। नगर परिषद कार्यकारी संजय कुमार ने कहा कि नगर परिषद की बैठक पूर्णतया सफल रही है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि जब तक विस्थापितों को मालिकाना हक नहीं मिलता तब तक टैक्स नहीं लगाया जाएगा। बैठक में पार्षद कमल गौतम, रछपाल सिंह, सोनिका, वीरदीन, सोमा देवी, ज्योति, कौशल्य कटोच, शशिबाला मौजूद थे।
