
चामुंडा (कांगड़ा)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद मंदिर के आसपास लोगों को उम्दा सहूलियतें नहीं मिल रही हैं। इससे यहां आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चामुंडा मंदिर के लिए करोड़ों का बजट होने पर भी मंदिर में बनी झील में अकसर गंदा पानी देखने को मिल रहा है। झील में हाल ही में लाखों रुपये की टाइलें डाली गई हैं। मंदिर की क्यारियां खाली पड़ी हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण शाम ढलते ही मंदिर के पास अंधेरा पसर जाता है। जबकि, मंदिर में लगाई गई लाखों रुपये की हाई मास्क लाइटों के अब पोल ही दिखाई देते हैं। वहीं, मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए डोर मेटल डिटेक्टर भी खराब पड़े हैं। उधर, मंदिर अधिकारी एवं तहसीलदार सुरजन सिंह ने कहा कि झील परिसर की देखरेख के लिए एक कर्मचारी तैनात किया है और लाइटों की मरम्मत के लिए दिल्ली की कंपनी से बात चल रही है। मंदिर सहायक आयुक्त एवं एसडीएम धर्मशाला डा. हरीश गज्जू ने कहा कि मंदिर परिसर का दौरा कर खामियों को दूर किया जाएगा।
