
धर्मशाला। नादौन-मटौर नेशनल हाईवे निर्माण के लिए सड़क के बीच आने वाले पेड़ बाधा बन गए हैं। मार्ग में वन विभाग के करीब 1800 पेड़ हैं। इन पेड़ों के कटान को लेकर वन विभाग सर्वे भी कर चुका है। मार्ग में आने वाले पेड़ों के कटान को लेकर लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग से अनुमति मांगी है। अभी तक वन विभाग की कार्रवाई पूरी न होने के कारण हाईवे का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
नेशनल हाईवे बनाने की कवायद पिछले दो साल से चल रही है। रानीताल सेआगे हाईवे को चौड़ा करने का काम चला हुआ है, मगर बीच में पेड़ आने के कारण यह कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हाईवे चौड़ा होने से लंबी दूरी का सफर और सुहावना हो जाएगा। वन विभाग की मानें तो पेड़ कटान की अनुमति को लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जैसे ही कार्रवाई खत्म होेगी, लोक निर्माण विभाग को पेड़ काटने की अनुमति दे दी जाएगी। लोक निर्माण विभाग के एसई एसवी शर्मा ने बताया कि वन विभाग से पेड़ कटान को लेकर अनुमति मांगी गई है। मटौर से रानीताल तक दो भागों में करीब 1800 पेड़ आ रहे हैं। अनुमति मिलते ही नेशनल हाईवे का काम शुरू कर दिया जाएगा। वन विभाग देहरा के डीएफओ जेसी कटोच ने बताया कि एनएच मार्ग 1952 की अधिसूचना के आधार पर कार्रवाई जारी है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पेड़ कटान की अनुमति दे दी जाएगी।
