
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचपीसीए के तीन पदाधिकारियों को कथित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तारी से पहले अंतरिम राहत दी है। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने प्रेम ठाकुर, अत्तर सिंह और सुरेंद्र ठाकुर को अंतरिम राहत देते हुए जांच अधिकारी को आदेश दिए कि वह इन सभी प्रार्थियों को इन आरोपों में गिरफ्तार करने से पहले एक सप्ताह का नोटिस जारी करें। अदालत ने एचपीसीए के एक अन्य पदाधिकारी संजय शर्मा को भी अंतरिम जमानत दी है, हालांकि अदालत ने संजय शर्मा को 7 दिसंबर को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने और जांच में सहयोग देने के आदेश दिए हैं। प्रार्थी प्रेम ठाकुर, अत्तर सिंह और सुरेंद्र ठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 120 बी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2)के तहत मामला दर्ज किया गया है। संजय शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 447, 120 बी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन सभी पदाधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत कर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
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अवस्थी की जमानत पर सुनवाई आज
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डा. नरेंद्र अवस्थी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। विश्वविद्यालय से भी डा. अवस्थी शुक्रवार तक छुट्टी पर है। प्रशासन ने इनका कार्यभार भी अन्य अधिकारी को सौंप दिया है।
