
रामपुर बुशहर। एनएच प्राधिकरण ने ज्यूरी हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल के निर्माण पर रोक लगा दी है। प्रोजेक्ट प्रबंधन ने कायदे कानूनों को ताक पर रखकर प्राधिकरण से एनओसी मिले बिना ही काम शुरू करवा दिया था। प्राधिकरण ने साफ हिदायत दी है कि एनओसी के बगैर काम शुरू न करें, वरन् कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मंगलाड खड्ड पर बन रहे मिनी ज्यूरी हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए रतनपुर से अंदर टनल निकाली जानी है। नेशनल हाईवे के ठीक नीचे से बनने वाली इस टनल निर्माण से पहले एनएच प्राधिकरण से एनओसी लेना जरूरी था, लेकिन प्रोजेक्ट निर्माण कंपनी ने सारे कायदे कानूनों को ठेंगा दिखाकर एनओसी के बगैर ही काम शुरू करवा दिया था। बिना एनओसी के बगैर टनल का काम शुरू करने के बारे में ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर पर एनएच प्राधिकरण हरकत में आया और टनल के कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वहीं, प्राधिकरण ने सड़क के कार्य पर भी रोक लगा दी है। यह सड़क भी कंपनी ने अवैध रूप से निकाली है। एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पासंग नेगी ने टनल का काम रोकने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कंपनी को साफ कह दिया गया है कि नियमों के तहत काम किया जाए। जब तक एनओसी नहीं मिलती है, तब तक काम शुरू न किया जाए। बावजूद इसके अगर कंपनी काम शुरू करेगी तो प्राधिकरण कानूनी कार्रवाई तो करेगा ही, इसके साथ ही एनओसी पर भी रोक लगाएगा। इधर, पावर हाउस साइट के लिए अवैध रूप से निकाली सड़क का मलबा वन भूमि पर फेंके जाने पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। वन विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन शुरू करने वाला है।
