हल्द्वानी में एक हजार खरब का नोट!

हल्द्वानी। बचपन में बच्चों को शून्य से लेकर महा पद्म तक की गिनती सिखाई जाती थी, पर आमतौर पर इतनी दूर की गिनती की जरूरत कम ही पड़ती है। इस संख्या के आसपास कोई नोट भी बनेगा, इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की हो, पर यह हल्द्वानी में एक डॉक्टर के पास एक हजार खरब (100000000000000) का नोट है। यह बच्चों के खेलने वाले गेम का नकली नोट नहीं, बल्कि सचमुच का है, जिसे बाकायदा रिजर्व बैंक ऑफ जिम्बाब्वे ने जारी किया था।
आमतौर पर लोगों ने एक हजार के नोट के बारे में सुना और देखा है। इससे ज्यादा का कीमत का नोट हमारे यहां नहीं चलता है, पर जिम्बाब्वे सरकार 2008 में एक हजार खरब तक का नोट भी चला चुकी है। अत्यधिक मुद्रास्फीति के दौर में 100000000000000 जिम्बाब्वे डालर (100 ट्रिलियन डालर) छापा गया था। हजार खरब का एक डालर का यह नोट मेडिकल कालेज के कैंसर इंस्टीट्यूट में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत और अनूठी चीजों के संग्रहण का शौक रखने वाले डा. स्वरूप रवन्ना महज 500 सौ रुपये में खरीद कर लाए थे। डा. स्वरूप कहते हैं कि वह इस साल फरवरी में जिम्बाब्वे में कैंसर का इलाज मुहैया कराने की संभावना को लेकर एक खास प्रोजेक्ट के तहत गए थे, जहां उन्हें इस नोट के बारे में पता चला और वह नोट खरीद कर लाए थे। इसके साथ वह 50 ट्रिलियन डालर, एक जिम्बाब्वे डालर का नोट भी लेकर आए थे। वह कहते हैं कि उन्हें अनूठी चीजों के संग्रह का शौक बचपन से है। उनके पास मौर्य, कुषाण, विजय नगर से लेकर मुगल काल, ब्रिटिशकाल के दौर के सिक्के, दुर्लभ स्टांप आदि का भी संग्रह है।

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