
चैलचौक/ पंडोह/ टिहरा (मंडी)। जंजैहली घाटी के हलीण गांव में भारी बारिश के कारण एक मकान के ढह जाने के कारण दो बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसा मंगलवार सुबह करीब 5 बजे पेश आया। जब मकान की दीवारों से मलबा और पत्थर गिरने शुरू हुए। मकान मालिक हरि सिंह के अनुसार जैसे ही मकान गिरना शुरू हुआ तो उसने परिवार के अन्य सदस्यों को घर से बाहर भागने के लिए कहा। इस बीच उसके दो बच्चों को पत्थर गिरने से चोटें आई हैं। हरि सिंह के दो कमरों के मकान के गिरने का धमाका होते ही पड़ोसी जाग उठे और बचाव कार्य के लिए खड़े हो गए। तब तक पूरा मकान जमींदोज हो चुका था। मकान गिरने से पत्थर की चोट खाए हरि सिंह के बच्चे सहमे हुए थे। हादसे के बाद ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन को जानकारी दी। प्रशासन की ओर से तहसीलदार थुनाग विद्याधर नेगी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार को पांच हजार की फौरी राशि वितरित की। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को एक तिरपाल भी भेंट किया है। तहसीलदार थुनाग ने बताया कि मकान गिरने से करीब एक लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हलके के पटवारी को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, सराज विधानसभा की ग्राम पंचायत कल्हणी में बीती रात भारी वर्षा के कारण खनवाची नाला में अचानक बाढ़ आने से उसमें चार पशु बह गए। गांव निवासी दौलत राम ने बताया कि कलिपु राम की दो गाएं और राम सरण व एक अन्य व्यक्ति के एक-एक मबेशी बह गए। ग्रयोह पंचायत के मास्ला गांव में संतराम और अमर सिंह के मकान गिरने की कगार पर हैं। वहीं शिव कुमार, विनोद कुमार, जयकर्ण तथा बाला राम की करीब 6 बीघा जमीन भूस्खलन के चलते तबाह हो गई। ग्रयोह गांव में ल्हासा गिरने से सुधीर की गौशाला गिरने के कगार पर है।
