
काशीपुर। नगर निगम क्षेत्र में मलिन बस्तियों और सार्वजनिक स्थानों में विभिन्न विभाग द्वारा पेयजल के लिए लगाए गए इंडिया मार्का हैंडपंपों में से 150 खराब पडे़ हैं।
शहर क्षेत्र में भूजल स्तर काफी ऊंचा है, जिससे साधारण हैंडपंपों में प्रदूषित पानी आता है, तरह-तरह की बीमारियां फैलती हैं। नगर निगम के अलावा विभिन्न विभागों ने यह कमी दूर करने के लिए करीब 300 से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए हैं। यह हैंडपंप 120 फीट से अधिक गहराई में लगाए जाने से इसमें साफ पानी आता है, परंतु हैंडपंप लगाने वाले ठेकेदार अधिकारियों की मिलीभगत से मानक से कम गहराई में ही इंडिया मार्का हैंडपंप लगाते हैं। जिससे इनमें मिट्टी युक्त प्रदूषित पानी आता है। साथ ही हैंडपंप द्वारा पानी छोड़ने की शिकायतें रहती है। निगम ने तीन महीने पूर्व ठेकेदार दीपक अग्रवाल को मरम्मत का ठेका दिया था। दीपक अग्रवाल ने बताया कि अब तक 76 हैंडपंपों को ठीक कर लिया गया है। अभी 150 ठीक होने बाकी हैं।
वार्ड-8 के पार्षद अब्दुल कादिर ने बताया कि उनके वार्ड में लगे सभी 22 हैंडपंप खराब पडे़ हैं। जिनमें से 13 रिबोर होने हैं। वार्ड-12 के पार्षद राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि उनके वार्ड में 8 मेें से चार हैंडपंप खराब हैं। वार्ड-6 के पार्षद सर्वेश बाली ने बताया कि उनके वार्ड में 20 इंडिया मार्का हैंडपंप हैं। जिनमें से अधिकांश खराब थे। ठेकेदार द्वारा ठीक कराने के बाद भी अब दो खराब पडे़ हैं।
