
कोटखाई (शिमला)। यहां क्षेत्र में बिजली की तारें लोगों के सिर पर ‘मौत’ बनकर लटकी हुई हैं। आलम यह है कि कहीं लोगों के घर की छत पर तो कहीं रास्तों में और सेब बगीचों में तारें झूल रही हैं। यही नहीं, यहां कई बार लोग बिजली के करंट की चपेट में भी आ चुके हैं। जबकि, अब तो लोगों का घर से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं रहा है। सेब बगीचों में भी काम नहीं हो पा रहा है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या के बारे में कई बार बिजली बोर्ड के अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन शायद बिजली बोर्ड किसी बड़े हादसे का इंतजार है। क्षेत्रवासियों मोहन लाल, सोहन लाल, रमेश, बेली राम, मोदी राम, बलदेव, नारायण, हरि दास, महेंद्र, राकेश कुमार, सोमेश्वर कंवर, कैलाश, चौहान, महेंद्र सिंह, सुभाष चौहान, केदार सिंह, सूरत राम, प्रताप सावंत, प्रेम सावंत, परमा नंद, जिया लाल, भगत राम, दौलत राम, सुरेंद्र, बबिता, रुचि, राजिंद्र बराठा सहित अन्य लोगों का कहना है कि कई वर्ष से यह समस्या बनी हुई है। अब तो आलम यह हो गया है कि बिजली के खंभे तक टूट गए हैं। तारों से बच कर निकलना मुश्किल हो रहा है। जबकि, तारें सेब के बगीचों में भी बिछ गई हैं। इसके चलते बगीचों में काम करना भी किसी खतरे से खाली नहीं है। लोगों का कहना है कि वह कई वर्ष से बिजली बोर्ड से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन लोगों की समस्या को आज तक दूर नहीं किया गया है। लोग कहते हैं कि अब तो हर दम सिर पर मौत मंडरा रही है। इधर, बिजली बोर्ड के एक्सईएन यशपाल ठाकुर का कहना है कि उक्त गांव में बिजली के खंभे इसी माह बदल दिए जाएंगे। इसके लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है।
