
ऊना। 922.48 करोड़ रुपये लागत की स्वां तटीकरण परियोजना के कार्य को अब युद्ध स्तर पर अमलीजामा पहनाया जाएगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपनी घोषणा को मूर्त रूप देते हुए स्वां प्रोजेक्ट की एक नई डिवीजन व दो सब डिवीजन खोलने को मंजूरी दे दी है। नई डिवीजन और एक सब डिवीजन हरोली में खुलेगी। एक साथ दो तोहफे हरोली के हिस्से आए हैं। दूसरी सब डिवीजन ऊना में खोली जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस बात की पुष्टि की है। उद्योग मंत्री ने इसके लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार जताया है। इसके साथ ही स्वां प्रोजेक्ट का अब ऊना जिला में एक सर्कल, दो डिवीजन और पांच सब डिवीजन हो गए। स्वां की एक डिवीजन पहले से ही गगरेट में है। इसके अलावाइस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम समयबद्ध निपटाने के लिए ऊना में पहले ही एक सर्कल कार्यालय खोल दिया गया है। हरोली स्थित मंडल कार्यालय में अधिशासी अभियंता स्तर का अधिकारी बैठेगा। ऊना तथा हरोली स्थित उपमंडल कार्यालयों में उपमंडल अधिकारी होंगे। प्रोजेक्ट को चार साल की अवधि में पूरा किए जाने का लक्ष्य है। करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर भी लगा दिए हैं। जिला ऊना में स्वां नदी की सभी सहायक 73 खड्डों का भी तटीकरण होगा।
फिर से करवाई डीपीआर तैयार : अग्निहोत्री
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि स्वां प्रोजेक्ट का सेंट्रल पावर रिसर्च स्टेशन पुणे की मार्फत नए सिरे से सर्वेक्षण करवाया और विस्तृत डीपीआर तैयार करवाई। पुणे की टीम ने प्रदेश सरकार को रिपोर्ट 15 मार्च को सौंपी। सरकार ने इसे 10 अप्रैल, 2013 को केंद्रीय जल आयोग को अनुमोदन के लिए भेजा। पांच जून, 2013 को राज्य सरकार की टेक्नीकल एडवाइजरी कमेटी ने इसे हरी झंडी दिखा दी और 20 जून को प्रदेश के वित्त विभाग ने इस योजना को सहमति भी प्रदान कर दी। 30 जुलाई को भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय की सलाहकार समिति ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी। 23 अक्तूबर को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने परियोजना का शिलान्यास किया।
तटीकरण की कु ल लंबाई 387.58 किलोमीटर
तटीकरण की कु ल लंबाई 387.58 किलोमीटर होगी और इसमें 1200 वर्ग किलोमीटर जलागम क्षेत्र शामिल होगा। परियोजना के क्रियान्वयन से 7163.40 हेक्टेयर भूमि की सुरक्षा होगी जिस पर दोबारा से फसल लहलहाएगी। इस परियोजना से 165 गांवों के 235834 लोग लाभान्वित होंगे।
