हफ्ते में चार दिन ही इलाज

नूरपुर (कांगड़ा)। बीमार हो, इलाज कराना है। तो दिन देख लें। कहीं ऐसा न हो कि आप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें और डाक्टर साहब मिले ही नहीं। यह हाल है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कोटला का। डेपुटेशन चिकित्सक के भरोसे चल रहे अस्पताल में हफ्ते में चार दिन ही इलाज मिलता है। बाकी दिन मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
तीन माह से पीएचसी कोटला में डाक्टर का पद खाली चल रहा है। डाक्टर के तबादले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डेपुटेशन पर एक डाक्टर को तैनात कर रखा है। लेकिन सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही ड्यूटी होने के चलते अन्य दिनों में मरीजों का इलाज रामभरोसे रहता है। पीएचसी कोटला में एक फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन, फीमेल हेल्थ वर्कर और हेल्थ सुपरवाइजर के पद स्वीकृत हैं। लेकिन शाम चार बजे के बाद पीएचसी पर ताला लटक जाता है। ऐसे में मरीजों को आपात स्थिति में इधर-उधर भागना पड़ता है। यह स्थिति तब है, जब कोटला क्षेत्र की त्रिलोकपुर, सोलदां, रजोल, योल, सियूणी, भाली करीब आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों की आबादी स्वास्थ्य सुविधा के लिए पीएचसी कोटला पर निर्भर करती है। लेकिन, पीएचसी में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते लोगों को इलाज के लिए 18 से 20 किमी का सफर तय कर नूरपुर या शाहपुर अस्पताल जाना पड़ता है।

एक्सरे की सुविधा भी नहीं
स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे सुविधा नहीं है। स्थानीय पंचायत प्रधान योगराज मेहरा, उपप्रधान केवल कुमार, वार्ड पंच कमलेश कुमार, मुरारी लाल, प्रदीप कुमार, वरिंद्र कुमार, व्यापार मंडल प्रधान अरविंद महाजन, जिप सदस्य प्रदीप वर्मा, केवल महाजन, मनोज कुमार आदि का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, पीएचसी कोटला में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।

आज से डा. कालिया ज्वाइन करेंगे
पीएचसी कोटला में सोमवार को डेपुटेशन पर डा. विजय कालिया पहुंचेंगे। डा. कालिया बुधवार, वीरवार, शुक्रवार और शनिवार को सेवाएं देंगे। इससे पहले डा. दुष्यंत सेवाएं दे रहे थे। उधर, सीएमओ ध्रुव एस. गुरुंग ने बताया कि चिकित्सक को डेपुटेशन पर सेवाएं देने के लिए आदेश दे दिए हैं।

डाक्टर ने ज्वाइन नहीं किया
फिलहाल पीएचसी कोटला में डेपुटेशन पर एक डाक्टर भेजा गया है। यहां के लिए नियमित डाक्टर के भी आदेश हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ने ज्वाइन नहीं किया है।

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