
शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिक्षण संस्थानों में किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी या निजी विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों में किसी छात्र के कमरे में डंडे, रॉड या कोई भी हथियार मिलता है तो उसे तत्काल हॉस्टल से बाहर करें। दूसरी बार हिंसा में शामिल होने पर शिक्षण संस्थान से निकाल दिया जाए। वह प्रदेश विवि में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री शिक्षण संस्थानों में हो रही हिंसा पर काफी तल्ख दिखे। उन्होंने कुलपति को मंच से ही निर्देश दिए कि इसके लिए नियमों में संशोधन की जरूरत है तो उसमें बदलाव किया जाए। किसी भी शिक्षण संस्थान में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एनएसयूआई के प्रदेश में नंबर वन होने पर बधाई दी और चुनावों में भितरघात करने वालों पर कार्रवाई के लिए संगठन को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान में शांतिपूर्ण तरीके से बैठक, प्रदर्शन करने पर रोक नहीं है। छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का कोई हनन नहीं करता है, लेकिन अधिकारों के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि अब तक जो हुआ, हो चुका, लेकिन भविष्य में प्रदेश के किसी भी शिक्षण संस्थान में हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। चुनावों के दौरान प्रशासन ने शांति बनाए रखी, लेकिन आगे भी कानून व्यवस्था बनाए रखनी होगी। पुलिस परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी तैनात रहेगी। उन्होंने कहा कि परिसर में हथियार उठाकर दूसरों के डराने वालों से हथियार छीन लो तो वे सबसे डरपोक निकलते हैं। ऐसे लोगों से आम छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। ऐसे गुंडा तत्वों से प्रशासन और सरकार सख्ती से निपटने से लिए पूरी तरह से तैयार है।
