
शिमला। थाना ढली के तहत नंबरदार के कारोबारी बेटे की मौत का मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझ गया है। रविवार को हुए पुलिस बयान में नंबरदार ने कहा कि उनके बेटे की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच हो। घटना वाले दिन परिजनों को बिना बताए उसके दोस्त उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई। वह क्या कारण रहे हैं, जिससे उनके बेटे को जहर खाना पड़ा और अगर ऐसा था तो उसके दोस्तों ने उन्हें सूचना क्यों नहीं दी। लिहाजा, पुलिस इस मामले की छानबीन करे। मामला सामने आने के बाद पुलिस इसे फिलहाल आत्महत्या का मामला मान कर चल रही है। परिवार के अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई लेकिन किसी ने अपने बयान में यह नहीं कहा कि मृतक ने पारिवारिक कारणों से आत्महत्या की हो।
पुलिस के मुताबिक इंद्र सिंह (26) खटनोल का रहने वाला था। वहीं दुकान भी चलाता था। कुछ माह पूर्व ही इसकी शादी हुई थी। अब तक की जांच में सामने आया है कि 19 जून को दुकान बंद करने के बाद यह अपने दो दोस्तों के साथ पार्टी करने खेत के किनारे बैठ गया। रात करीब 11:00 बजे उसके दोस्त घर की ओर चल पड़े। इसी दौरान इंद्र सिंह इनके मोबाइल पर मिस कॉल करने लगा। जब वह वापस मुड़े तो गेस्ट हाउस के सामने वह पड़ा हुआ था। पुलिस पूछताछ में दो युवकों ने बताया कि उन्होंने तुरंत एक स्थानीय डाक्टर को बुलाया, जिसने उसे देखकर कहा कि इसके मुंह से तेज दुर्गंध आ रही है। संभव है कि इसने जहर निगल लिया हो। उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बेटे के दोस्तों पर सीधे तौर पर कोई शक तो नहीं जताया लेकिन पिता ने इतना जरूर कहा कि संभव है कि उसके बेटे की पैसों के लेनदेन को लेकर किसी से कोई विवाद हो। एक साजिश के तहत यह सब हुआ हो। उधर, इस बारे में डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
