
धर्मशाला। कजलोट पंचायत के चांदमारी, गजलोढ़ व वाल्मीकि कालोनी के बाशिंदों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर मंगलवार को लगभग विराम लग गया। सेना और ग्रामीणों में सुलह हो गई है। सिविल और सेना प्रशासन के बीच मंगलवार को हुई बैठक में सेना को पास मेें ही जमीन दिए जाने के प्रपोजल पर दोबारा विचार हुआ। इस पर सेना प्रशासन ने लगभग हामी भर दी है।
जानकारी के अनुसार सेना प्रशासन ने गांव में की गई तारबंदी को हटाने, रास्ता खोलने व फायरिंग न किए जाने की बात मान ली है। साथ ही कुछ समय पहले सिविल प्रशासन द्वारा पास में जमीन दिए जाने का प्रस्ताव सेना के पास रखा गया था। इस पर लंबे समय से कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। अब लगभग इस प्रस्ताव को सेना प्रशासन ने मान लिया है।
जानकारी के अनुसार करीब 300 कनाल भूमि जिला प्रशासन सेना को देने जा रहा है। इसके बदले सेना को चांदमारी की जमीन छोड़नी होगी। वहीं चांदमारी, गजलोढ़ और वाल्मीकि कालोनी के ग्रामीणों को अब दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे पूर्व मंगलवार सुबह चांदमारी के पास धर्मशाला-मैकलोडगंज मार्ग पर एकत्र होकर ग्रामीणों ने चक्का जाम किया। इसके चलते लंबा जाम लग गया। हालांकि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। एसडीएम डॉ. हरीश गज्जू और डीएसपी मनमोहन सिंह ने ग्रामीणों को समझाया। साथ ही शाहपुर हलका की विधायक सरवीण चौधरी भी ग्रामीणों के सहयोग में धरनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालते हुए चक्का जाम खुलवा दिया। इस दौरान सवेरे अपने गंतव्य की ओर जाने वाले कर्मियों व अन्य को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
एसडीएम डा. हरीश गज्जू का कहना है कि एडीएम राकेश शर्मा की अध्यक्षता में सेना प्रशासन के साथ बैठक हुई। इसमें मामले को लगभग सुलझा लिया गया है। विधायक सरवीण चौधरी का कहना है कि सेना के अधिकारी ने बिना परमिशन के फायरिंग की है। साथ ही प्रधान को जान से मारने की भी धमकी दी है। इस पर उनके खिलाफ केस किया जाएगा।
