
बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापित बहुल बिलासपुर शहर में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे करने वालों के प्रति सरकार के कड़े रुख का कई लोगों ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि विस्थापितों के नाम पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की तमाम हदें पार कर दी है। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र भी भेजा है।
सीएम को भेजी गई पाती में रतनलाल गुप्ता, कृष्ण सिंह, सुरेंद्रपाल, जगतपाल सैनी, धनीराम आजाद, देवराज राणा, सीमा, कांता, सलीम खान, शकील, दिलाराम, विद्या देवी, मुमताज, तारा वर्मा, शहनाज, कुलदीप चंदेल, संजू व विनय शंकर ने कहा है कि कुछ लोग भाखड़ा विस्थापितों के नाम पर शुरू से ही सरकार को गुमराह करते आए हैं। उन्हाेंने बीघों के हिसाब से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करके शहर की सुंदरता को बिगाड़ कर रख दिया है। अवैध तरीके से बनाए गए भवनों को किराये पर देकर वे लाखों रुपये कमा रहे हैं।
लोगों के अनुसार परिवार बढ़ने के कारण अपने मकानों के आसपास की भूमि पर मजबूरन थोड़ा-बहुत कब्जा करने वाले भाखड़ा विस्थापितों के कब्जे नियमित करने का सरकार का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन विस्थापितों के नाम पर अंधाधुंध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्हाेंने अवैध रूप से बने भवनों को हटाकर उस भूमि पर प्लाटों का निर्माण करके उन्हें पुनर्वास से वंचित विस्थापितों को अलाट करने की वकालत की है।
