
रुड़की/लक्सर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के नाम पर मुख्यमंत्री बुधवार को जिले में आए तो हजारों ग्रामीणों को उम्मीद थी कि देर से ही सही अब उनकी सुनी जाएगी। लेकिन ग्रामीणों की उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया जब मुख्यमंत्री एक तटबंध का निरीक्षण गाड़ी से और एक का हेलीकाप्टर से करने बाद वापस लौट गए। ग्रामीण टकटकी लगाए रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने किसी बाढ़ पीड़ित का दर्द जानने की जहमत नहीं उठाई। मुख्यमंत्री के ‘हवा हवाई’ दौरे के लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मंगलवार देर शाम को प्रशासनिक अमले को सूचना मिली कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बुधवार को लक्सर और खानपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। बाढ़ प्रभावित गांवों तक भी सूचना पहुंची तो सैकड़ों ग्रामीण मुख्यमंत्री को अपना दर्द बताने के लिए बेताब थे। बुधवार पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर ने बिरला टायर फैक्ट्री में लैंड किया। यहां से मुख्यमंत्री का काफिला सीधे मथाना के लिए निकल पड़ा। रास्ते में अचानक से मुख्यमंत्री ढाढेकी गांव में तटबंध देखने के लिए निकल पड़े। इस दौरान गांवों में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। लेकिन मुख्यमंत्री यहां लोगों से मुलाकात किए बिना सीधे मथाना के लिए निकल गई। मथाना प्राथमिक विद्यालय में काफिले के ज्यादातर वाहनों को रोककर मुख्यमंत्री और पुलिस के वाहन को आगे बढ़ने दिया गया। मुख्यमंत्री ने मथाना गांव से अंदर जाकर तटबंध का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेसी पैदल ही उस तरफ बढ़ गए। जब तक ग्रामीण वहां पहुंचते मुख्यमंत्री का वाहन हूटर बजाते हुए वापस हो गया। मथाना गांव में बाढ़ ने कहर बरपाया है। लेकिन मुख्यमंत्री ने गांव में उतरकर किसी पीड़ित से उसका हालचाल जानने की कोशिश नहीं की। इसके बाद उनका काफिला सीधे लक्सर स्थित खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के कार्यालय में आकर रुका। यहां भी लोगों की भारी भीड़ लग गई लेकिन मुख्यमंत्री से किसी को मिलने नहीं दिया गया। यहां थोड़ी देर रुकने के बाद मुख्यमंत्री फिर बिरला गेस्ट हाउस पहुंच गए। यहां करीब पौन घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक की और फिर मीडिया से बातचीत। काफी संख्या में ग्रामीण बिरला गेस्ट हाउस के अंदर और बाहर पहुंच गए। लोग बड़ी उम्मीद से यहां आए थे, लेकिन सुरक्षा के घेरे को ग्रामीण नहीं भेद पाए। यहां से मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से सोपरी तटबंध का निरीक्षण करने के बाद करीब पौने एक बजे देहरादून के लिए रवाना हो गए।
