
मंडी। प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिले मंडी में पहली अगस्त से रसोई गैस के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना शुरू हो गई, लेकिन जिले में अभी तक हजारों ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अभी तक आधार कार्ड नहीं बनाया या अपना आधार नंबर बैंक खाते से नहीं जोड़ा। ऐसे उपभोक्ताओं को इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने तीन माह के भीतर आधार नंबर बैंक खाते से जोड़ने की मोहल्लत दी है। 31 अक्तूबर तक आधार नंबर बैंक खाते से न जोड़ने पर रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी के लाभ से वंचित रहना पड़ेगा।
रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत जिले मंडी देश का 20वां जिला बन गया है। प्रदेश में यह योजना पहले बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर में एक जून से शुरू हो चुकी है। लेकिन, मंडी उपचुनाव की आचार संहिता के कारण यह योजना जिला मंडी में शुरू नहीं हो पाई थी। पहली अगस्त से यह योजना जिले में शुरू होने से अब रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जमा होगी। जिन उपभोक्ताओं के आधार नंबर बैंक खाते से जुड़े हैं, उन्हें सिलेंडर लेते समय पूरी कीमत देनी होगी। सब्सिडी की राशि उनके बैंक खाते में जमा होगी। जिला मंडी में हजारों ऐसे घरेलू गैस उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अभी तक अपना आधार नंबर बैंक खाते से नहीं जोड़ा है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए आईओसी ने तीन माह की मोहल्लत दी है।
आईओसी के उप प्रबंधक रजत घरसंगी का कहना है कि पहली जून से बिलासपुर, ऊना व हमीरपुर जिले में यह योजना शुरू की गई थी। वहां पर उपभोक्ताओं को आधार नंबर बैंक खाते से जोड़ने के लिए तीन माह का समय दिया गया था। उसी तर्ज पर मंडी जिले में जिन उपभोक्ताओं के आधार नंबर बैंक खाते से नहीं जुड़े हैं, उन्हें 31 अक्तूबर तक समय दिया गया। इसके बाद उपभोक्ताओं को सब्सिडी से वंचित रहना पड़ेगा।
हजारों उपभोक्ता नहीं जोड़ा आधार कार्ड
रसोई गैस सब्सिडी योजना शुरू तो हो गई, लेकिन अभी तक जिले में हजारों उपभोक्ताओं ने अपना आधार कार्ड नंबर बैंक खाते से नहीं जोड़ा है। सरकाघाट गैस एजेंसी के तहत 48000 गैस उपभोक्ता हैं। जिसमें करीब 7500 घरेलू गैस उपभोक्ताओं ने अपना आधार नंबर बैंक से नहीं जोड़ा। इसके अलावा नेरचौक गैस एजेंसी के तहत 18000 उपभोक्ताओं में से 7000 तथा सुंदरनगर गैस एजेंसी के अंतर्गत 19000 उपभोक्ताओं में करीब 7000 हजार ने अपना आधार नंबर बैंक खाते से नहीं जोड़ा है। जिले के अन्य क्षेत्रों का भी यही हाल है। यहां से अभी तक आंकडे़ उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
90 प्रतिशत आधार कार्ड बने : एडीसी
अतिरिक्त उपायुक्त गोपाल चंद ने बताया कि जिला मंडी में करीब 90 प्रतिशत आधार कार्ड बन चुके हैं। हर उपमंडल स्तर पर कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कतें हैं, वहां पर कार्ड बनाने वाली टीम को भेजा जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अपना आधार कार्ड नंबर बैंक खाते में जोड़ें। ताकि रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ मिल सके।
