हंगामे के बाद मुकदमा दर्ज, आरोपी भी गिरफ्तार

कोटद्वार। अधिवक्ता जयशंकर ढौंडियाल पर हमला करने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से गुस्साए कोटद्वार के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को तहसील के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम के निर्देश के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद ही अधिवक्ताओं ने जाम खोला।
शुक्रवार की सुबह करीब ग्यारह बजे बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील मुख्यालय पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं का आरोप था कि पुलिस ने हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है जबकि पीड़ित के शरीर पर गंभीर चोटें हैं। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया जिससे काफी देर तक यातायात अवरुद्घ हो गया। कुछ देर बाद ही मौके पर एसडीएम अनिल गर्ब्याल और कोतवाल अंशु चौधरी पहुंचे उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन अधिवक्ता मामले को गंभीर धाराओं में दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
बाद में एसडीएम के निर्देश पर हत्या के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज किया गया तब जाकर मार्ग जाम खोला गया। इस दौरान करीब डेढ घंटे तक एनएच पूरी तरह बंद रहा। पुलिस ने अब्दुल रज्जाक, मुनिया और जयबू निशां को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल अंशु चौधरी ने बताया कि अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। जाम लगाने वाले अधिवक्ताओं में बार संघ के अध्यक्ष अजय पंत जगमोहन सिंह रावत, आशुतोष कंडवाल, जितेंद्र चौहान, बृजमोहन चौहान, राकेश कर्णवाल, जसवीर राणा, प्रकाश नेगी, अवनीश नेगी सुनील डोबरियाल आदि शामिल थे।

पुलिसिया कार्यप्रणाली की खुली पोल
– बृहस्पतिवार को पुलिस ने जिस तरह से अधिवक्ता से मारपीट मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की उससे पुलिस की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी। पहले मामले को हल्की धाराओं में दर्ज किया लेकिन वकीलों के हंगामा किया तो धाराएं बदल दी गई। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि वह धरना नहीं देते तो पुलिस लीपापोती कर देती। ऐसे में आम आदमी कैसे पुलिस पर विश्वास करेगा।
यह था मामला
– जयहरीखाल में रहने वाले अधिवक्ता जयशंकर ढौंडियाल का कुंभीचौड़ में पुस्तैनी बगीचा है। काफी सालों तक इस बगीचे को अब्दुल रज्जाक को ठेके पर दिया जाता रहा। बाद में अनबन होने पर ठेका उसे देना बंद कर दिया। जयशंकर के अनुसार अब्दुल रज्जाक ने बगीचे पर मालिकाना हक जताते हुए दो बार मुकदमा दर्ज कराया। मगर दोनों बार फैसला उनके पक्ष में आया। बृहस्पतिवार को वह अपने भाई के साथ आम तोड़ने बगीचे में गया हुआ था। उसका भाई बगीचे के दूसरे किनारे पर था। इतने में अचानक करीब 10-15 लोग डंडे, चेन और दरांती लेकर आए और मारपीट करने लगे। जिससे वह काफी चोटिल हो गया। जिसकी उसने थाने में रिपोर्ट दी है।

न्यायिक कार्यों से रहे विरत
लैंसडौन। अधिवक्ता जयशंकर ढाैंडियाल पर कुंभीचौड़ में हमला करने की घटना को लेकर लैंसडौन के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार किया।
लैंसडौन बार संघ की बैठक में घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में बार संघ के अध्यक्ष सुदर्शन राणा सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।

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