
मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने स्वास्थ्य बीमा कंपनी को उपभोक्ता के इलाज पर खर्च हुई 7471 रुपये की बीमा राशि का भुगतान एक माह में करने के आदेश दिए। इसके अलावा उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले 5000 रुपये हर्जाना और 3000 रुपये शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जेएन यादव तथा सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय लिया। सदर तहसील के दुदर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार पुत्र हीरा सिंह की शिकायत को उचित मानते हुए इन्होंने बीमा कंपनी न्यू दिल्ली आई केयर हेल्थ सर्विस, बीमा बुकिंग का कार्य कर रही मंडी स्थित कार्वी स्टाक एंड इंश्योरेंस बुकिंग सर्विस और बुकिंग एजेंट को उपभोक्ता के पक्ष में उक्त राशि का भुगतान एक माह में करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर यह राशि 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित अदा करनी होगी। अधिवक्ता आशीष शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने 5 अगस्त 2011 को उक्त बीमा कंपनी की पॉलिसी बुकिंग सर्विस के एजेंट के माध्यम से खरीदी थी। पॉलिसी की अवधि के दौरान उपभोक्ता को आंत में संक्रमण हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाना पड़ा। उपचार के दौरान उपभोक्ता ने कंपनी और बुकिंग सर्विस को अपनी बीमारी के बारे में सूचना दी थी। उपभोक्ता ने अपने इलाज संबंधी दस्तावेज भेज कर मुआवजे की मांग की थी, लेकिन कंपनी की ओर से मुआवजा तय न करने पर उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम में सुनवाई के दौरान कंपनी का कहना था कि उन्हें मुआवजे संबंधी कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं जबकि बुकिंग सर्विस और एजेंट का कहना था कि उन्होंने दस्तावेज कंपनी को भेज दिये थे। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी का मुआवजा खारिज करने का आधार सत्य पर आधारित और युक्ति संगत नहीं माना जा सकता। ऐसे में फोरम ने मुआवजा खारिज करने को कंपनी, बुकिंग सर्विस और एजेंट की सेवाओं में कमी करार देते हुए उक्त राशि का भुगतान संयुक्त रूप से एक माह में करने के आदेश दिए। वहीं सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई परेशानी के बदले उक्त हर्जाना और शिकायत व्यय भी देने का फैसला सुनाया।
