
टनकपुर। स्थाई नौकरी की उम्मीद में जलसंस्थान का पीटीसी (पार्ट टाईम चौकीदार) पान सिंह बूढ़ा हो गया, मगर विभाग ने उसे स्थाई नहीं किया। विभाग की सेवा में 35 साल गुजार चुका पान सिंह अब न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहा है।
जलसंस्थान के चंपावत डिवीजन में 1979 से बतौर अस्थाई पीटीसी (चौकीदार) सेवा दे रहा पान सिंह सूखीढांग क्षेत्र की बमनजौल पेयजल योजना में कार्यरत है। स्थाई नौकरी की उम्मीद में वह सेवानिवृत्ति की उम्र पार कर चुका है, मगर विभाग उसकी उम्मीद पर नहीं पसीजा। दुखड़ा सुनाते पान सिंह ने बताया कि वह नौकरी की आस में लगा रहा। उसके बाद नौकरी में लगे श्याम सिंह, नाथ सिंह, जगत सिंह भंडारी, तिलोमनी आदि अस्थाई कर्मियों को विभाग ने स्थाई कर दिया है। उसने भी उच्चाधिकारियों के समक्ष कई बार स्थाई नौकरी की फरियाद लगाई, मगर उसकी फरियाद को अनसुना किया गया। 61 साल का पान सिंह आज भी बमनजौल पेयजल योजना में चौकीदारी का कार्य कर रहे पान सिंह का कहना है कि उसे उम्र के रहते स्थाई नौकरी नहीं मिलने का मलाल है, लेकिन वह अब भी हारा नहीं है। अपने हक के लिए वह न्यायालय की शरण में जाएगा।
