स्टोन क्रशर के खिलाफ ग्रामीण लामबंद

बालीचौकी (मंडी)। उपतहसील बालीचौकी के तहत सुराहीभैली जगह पर लगे स्टोन क्रशर के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। लोगों का कहना है कि क्रशर लगने से लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासी टेक सिंह, भेला सिंह, अनीता, ताराचंद, टेला देवी और रमा देवी ने बताया कि क्रशर से फैल रहे वायु प्रदूषण से लोगों का जीना दूभर हो गया है। क्रशर से हो रहे शोर से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। क्रशर 24 घंटे लगातार चलता है। इससे लोगों को मानसिक और शारीरिक बीमारियों भी होने लगी है।
बच्चों को भी पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है। लोगों ने इस बाबत डीसी मंडी, खनन अधिकारी मंडी एवं स्टेट जियोलॉजिस्ट शिमला तथा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड बिलासपुर को सूचना दी है। लोगों ने उपायुक्त से मांग की है इस क्रशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का समाधान एक सप्ताह के अंदर नहीं किया गया तो लोग क्रशर का घेराव करेंगे। समाजसेवी संतराम का कहना है कि जितने भी क्रशर धामण गांव के आसपास लगे हैं उससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इनके आसपास गांव, मंदिर, तीर्थन खड्ड और एनएच गुजरती हैं। नियमानुसार इस तरह के क्रशर इन स्थानों पर नहीं लगाए जा सकते। नैना स्टोन क्रशर के मालिक नरेंद्र गुलेरिया का कहना है कि इस स्थान पर और भी स्टोन क्रशर हैं। नैना स्टोन क्रशर किसी दूसरे व्यक्ति को सबलेंटिंग पर दिया है फिर भी स्थानीय ग्रामीणों को कोई परेशानी हो रही है तो लोगों के अनुसार ही इसे चलाएंगे। जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वे इस संदर्भ में अपने कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगकर अगली कार्रवाई अमल में लाएंगे।

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