स्टे से राहत जरूर पर सहमे हैं कारोबारी

शिमला। प्लास्टिक पैकिंग पर पाबंदी को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई ने शहर के कारोबारियों को राहत दी है। 9 दिसंबर तक स्टे का फैसला होने से कारोबारी उत्साहित हैं। शहर के कारोबारियों ने राज्य सरकार से प्लास्टिक पैकिंग का विकल्प देने की मांग उठाई है। मंगलवार को राजधानी के अधिकांश दुकानदार सहमे हुए नजर आए। सुबह-सुबह टेंशन में ही कारोबारी दुकानों तक पहुंचे। दोपहर बाद स्टे मिलने के बाद कारोबारियों ने राहत की सांस ली।

हाईकोर्ट से स्टे का स्वागत
शिमला व्यापार मंडल के पूर्व पदाधिकारी कंवलजीत सिंह ने हाईकोर्ट से स्टे का स्वागत किया है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में कारोबारियों के हितों को देखते हुए निर्णय लेने की मांग की है।

कम सामान आ रहा कागज, गत्ते में
लोअर बाजार के शूज कारोबारी करनैल सिंह ने कहा कि आज की तारीख में बहुत कम सामान कागज या गत्ते की पैकिंग में आता है। प्लास्टिक का बहिष्कार करना कारोबारियों के बस में नहीं है।

प्लास्टिक पैकिंग में सामान सुरक्षित
लक्कड़ बाजार के कारोबारी जगदीश चंदेल का कहना है कि प्लास्टिक के बिना काम नहीं चल सकता। प्लास्टिक में सामान सुरक्षित रहता है। खरीदार भी पैकिंग देखकर सामान पसंद करता है।

विकल्प मिलने तक रोक रहे
ऑकलैंड टनल के पास दुकान करने वाले किशोर शर्मा का कहना है कि प्लास्टिक पैकिंग का विकल्प मिलने तक इस आदेश पर रोक लगाई जाए। सीलन से निपटने के लिए प्लास्टिक जरूरी है।

कारोबारियों के हितों का रहे ध्यान
लक्कड़ बाजार के कारोबारी नरेश चंद ने कहा कि जब बड़ी कंपनियां ही प्लास्टिक में सामान देंगी तो कारोबारी क्या करें। सरकार को कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखना चाहिए।

कारोबारियों की सोचे सरकार
लक्कड़ बाजार के विनोद कुमार का कहना है कि कई ऐसे सामान हैं, जिनके लिए प्लास्टिक पैकिंग जरूरी है। सरकार को कारोबारियों की सुध लेनी चाहिए।

Related posts