
इटावा। कालीवाहन मंदिर आरती में शामिल होकर वापस जा रहे उन्नाव के परिवार की चार साल की बच्ची स्टेशन से गायब हो गई। गायब बच्ची के पिता ने जीआरपी और आरपीएफ को इसकी सूचना दी लेकिन दोनों जगहों से उसे टरका दिया गया। करीब छह घंटे ढूंढने के बाद निराश परिवार ट्रेन से उन्नाव रवाना हो गया।
उन्नाव जिले के माखी थानाक्षेत्र के भदेसा गांव निवासी परमेश्वरदीन पुत्र राधेलाल कालीवाहन मंदिर का भक्त है। वह हर वर्ष नवरात्रि पर परिवार सहित माता के दर्शन करने और आरती में शामिल होने आता है। शनिवार को वह अपनी पत्नी शिव कुमारी और चार बच्चों के साथ कालीवाहन मंदिर आया था। भोर पहर होने वाली आरती में शामिल होने के बाद वह परिवार सहित उन्नाव वापस लौट रहा था। भोर पांच बजे वह पत्नी और बच्चों सहित स्टेशन पहुंच गया। यहां उसकी चार साल की बेटी पलक ने शौच के लिए कहा। इस पर मां शिव कुमारी पलक को लेकर प्लेटफार्म पर बने शौचालय में ले गई। बेटी के निवृत्त होने पर शिवकुमारी उसे शौचालय के बाहर बैठने को कह खुद भी निवृत्त होने चली गई। जब वह शौचालय से वापस लौटी तो पलक वहां नहीं मिली। उसने बेटी के गायब होने की सूचना पति परमेश्वरदीन को दी। दंपति ने बच्ची को खोजा। असफलता मिलने पर परमेश्वरदीन मदद के लिए आरपीएफ थाने पहुंचा। यहां मौजूद स्टाफ ने नाम पता पूछने की औपचारिकता के बाद उसे टरका दिया। निराश दंपत्ति जीआरपी थाने पहुुंचा यहां भी सिर्फ औपचारिकताएं की गईं। बच्ची के गायब होने की रिपोर्ट दोनों थानों में दर्ज नहीं की गई। परेशान दंपत्ति चार साल की पलक को करीब छह घंटा तक स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में ढूंढता रहा। बच्ची के मिलने की आस छूटने पर परिवार साढे़ ग्यारह बजे लखनऊ जाने वाली पैसेंजर पर सवार होकर चला गया। एसओ जीआरपी यशपाल यादव ने बताया कि बच्ची खोने की सूचना उन्हें मौखिक रूप से दी गई थी। उसे ढूंढने का प्रयास भी किया लेकिन किसी ने लिखित तहरीर नहीं दी।
