
मंडी। जिले के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू में ग्यारहवीं की छात्रा नगमा को दूसरा जीवन मिला है। नगमा के दिल में छेद था। स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत आईजीएमसी शिमला में गत 10 जून को नगमा का सफल आपरेशन हुआ। 13 जून को छुट्टी मिलने के बाद नगमा अपने घर लौट आई है। नगमा के पिता नरेंद्र सिंह ने आईजीएमसी के चिकित्सकों और स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के लिए सरकार का आभार जताया है।
सदर तहसील के अंतर्गत डडौर गांव निवासी नरेंद्र सिंह बताते हैं कि बेटी नगमा के दिल में छेद था। वर्ष 1998 से बेटी का इजाज करवा रहा था। नगमा के दिल में छेद होने का पता डा. रमेश चंद्रा से लगा। उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ में टेस्ट करवाने की सलाह दी। चंडीगढ़ जाकर टेस्ट करवाया और बीमारी का पता चला। नरेंद्र सिंह ने बताया कि अमर उजाला में स्कूल हेल्थ प्रोग्रोम के तहत निशुल्क ओपन हार्ट सर्जरी की खबर पढ़ने के बाद आईजीएमसी शिमला पहुंचा। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने आपरेशन की डेट दी। 10 जून को डा. रजनीश पठानिया ने नगमा का सफल आपरेशन किया। नरेंद्र सिंह का कहना है कि 15 सालों के बाद उन्हें बेटी नगमा की बीमारी से छुटकारा मिला है। उन्होंने बेटी को दूसरा जन्म देने के लिए आईजीएमसी के डाक्टरों और स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के लिए सरकार का आभार प्रकट किया।
