
चंबा। प्रदेश सरकार की ओर से जिला में तीन दर्जन के करीब स्कूल तो खोल दिए हैं, लेकिन इन स्कूलों के लिए भवन मुहैया करवाना मुनासिब नहीं समझा। इसके चलते यह भवन निजी मकानों में चल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला में 35 के करीब स्कूल बिना भवन के चल रहे हैं। इसमें 23 के करीब प्राइमरी स्कूल और 12 मिडल स्कूल हैं। इन स्कूलों को खुले हुए एक वर्ष से ज्यादा समय हो चुका हैं। इसके अलावा कुछ स्कूलों को खुले तो दो साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक इन स्कूलों को अपना भवन नहीं मिल पाया है। इस कारण कुछ स्कूल निजी भवनों में चल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो एक कमरे में ही चल रहे और लोगों के घरों में चल रहे हैं। अगर घर में किसी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाना हो तो या तो छात्रों को छुट्टी दे दी जाती है या फिर स्कूली बच्चों को खुले आसमान तले पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ता है। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुशील कुमार पुंडीर ने बताया कि इस बारे विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। कुछ स्कूलों के भवन निर्माण को लेकर एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेज दिया गया है। जैसे ही बजट का प्रावधान होता है स्कूलों के लिए भवन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इंसेट……………..
इन स्कूलों को नहीं मिली छत
प्राइमरी स्कूल मिडल स्कूल
दरौर लकरा
चिरवाड़ी बीना
दौना सुल्तानपुर
सौटी लेच
सरूआ धरवरैन
बड़ा भडेला
प्रीना चक्करा
हिंद तरेठा
सराहन घरमाणी
मत्यिारा कैहला
पेटी परियुंगल
सरोगा घरवेटा
इसके अलावा प्राथमिक पाठशाला दिगोड़ी, नाचनोटी, थनेला, सिंगा, तुरकाड़ा, गराना, अमरेली, चबुन, सालुईं, छंपा और मंजनी स्कूलों का अपना भवन नहीं है। इसके चलते इन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
