स्कूल खुलने के बाद कहां जाएंगे

उत्तरकाशी। दस जुलाई से स्कूल खुलने पर बाढ़ में अपना सब कुछ गंवा चुके दो सौ से अधिक परिवारों के सामने सिर ढकने का संकट होने वाला है। अब तक ये परिवार स्कूल में शरण लिए हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को रहने के लिए टेंट तक नहीं दिया है।
16-17 जून को आई प्रलयकारी बाढ़ से बेघर कई परिवार किराये के भवनों में शिफ्ट हो गए हैं, तो कुछ अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में भी रह रहे हैं। उनके पशु भी स्कूल परिसरों में बंधे हुए हैं। अब 10 जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे। ऐसे में उन्हें चिंता सता रही कि वह कहां जाएंगे। स्कूलों में ज्यादातर ऐसे परिवार हैं जिनके घर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। प्रशासन हालांकि उन्हें रसद मुहैया करा रहा है, लेकिन स्थायी शिफ्टिंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। यहां तक प्रभावितों को सिर ढकने के लिए टेंट तक नहीं दिए गए।

इन स्कूलों में रह रहे प्रभावित परिवार
स्कूल का नाम परिवारों की संख्या
जीआईसी गंगोरी 06
ऋषिराम शिक्षण संस्थान मनेरा 22
आद्य शंकराचार्य शिक्षण संस्थान 02
जीआईसी उत्तरकाशी 70
जीजीआईसी उत्तरकाशी 50
बेसिक स्कूल मांडों 04
बेसिक स्कूल तिलोथ 01
गांधी विद्या मंदिर उत्तरकाशी 02
बेसिक स्कूल डिडसारी 20
जूनियर हाईस्कूल डिडसारी 30

कोट-
शासन के निर्देशानुसार 9 जुलाई तक स्कूलों की छुट्टी है। इसके बाद ही स्कूलों में रह रहे प्रभावितों को शिफ्ट का निर्णय लिया जाएगा। प्रभावितों के लिए तिरपाल और टेंट की मांग की गई है।- डा. आर.राजेश कुमार, डीएम उत्तरकाशी

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