
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल के प्राथमिक स्कूल कोछड़ी की रसोई में रखे मिड डे मील सिलेंडर के ब्लास्ट होने से सात छात्र झुलस गए हैं। इसमें दो को गंभीर हालत में आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने हादसे की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे कुछ बच्चे स्कूल पहुंचे। प्रबंधन ने स्कूल की सभी चाबियां बच्चों के पास दी थीं। छात्रों ने पहले स्कूल के कमरे खोले और उसके बाद रसोई का दरवाजा खोला। इसी दौरान छात्रों को रसोई गैस की दुर्गंध आई। तभी कुछ छात्र गैस बंद करने के लिए दौड़ पड़े। इसी दौरान हादसे से अंजान एक छात्र ने वहां पड़े लाइटर को स्पार्क कर दिया। स्पार्क होते ही सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। इससे सात छात्र बुरी तरह से झुलस गए। स्कूल में अफरातफरी मच गई। नजदीक रहने वाले अभिभावकों ने घायल बच्चों को पीएचसी ज्यूरी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को रामपुर के खनेरी अस्पताल रेफर कर दिया। गंभीर घायल दो छात्रों को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है।
इधर, शिक्षा विभाग के बीईपीओ सराहन अमोलक राम ने बताया कि हादसे की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दो बच्चों की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि उपनिदेशक की ओर से मामले की विभागीय जांच के आदेश हुए हैं। इधर, एसडीएम रामपुर दलीप नेगी ने बताया कि शिमला रेफर किए गए बच्चों के परिवार वालों को दस-दस हजार और अन्य को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी मदद जारी की है। प्रशासन भी मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे खुद भी बच्चों को देखने अस्पताल गए थे। डीएसपी सोम दत्त ने कहा कि पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
हादसे में घायल छात्र
चिराग पुत्र नरेश, सचिन पुत्र संतोष कुमारी, प्रवीन पुत्र जगदीश, शुभम पुत्र गोकल राम, हितेश पुत्र शेर सिंह, कर्ण पुत्र रंजीत, संजना पुत्री जीत कु मार है। इसमें गंभीर रूप से घायल सचिन और कर्ण र्को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है।
क्या कहना है निदेशक का
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अशोक शर्मा ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर को मौके पर भेजा है। इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है कि लापरवाही किसकी है। रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे खुद भी बच्चों से मिलने आईजीएमसी जा रहे हैं।
