सोशल डिस्टेंसिंग वाला फार्मूला फेल 2000 श्रद्धालुओं की सूची, लौटकर आए 2600 से ज्यादा

जालंधर

नांदेड से लौटे श्रद्धालु
श्री हजूर साहिब से यात्रियों को पंजाब लाने के मामले में एक नया पहलू यह भी सामने आया है कि सरकार की तरफ से 2 हजार श्रद्धालुओं की सूची भेजी गई थी। यह सूची पंजाब के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के पास थी लेकिन हालात यह बने कि नांदेड़ साहब से बसों में 600 से अधिक अतिरिक्त लोग सवार हो गए, जिससे बसों में सोशल डिस्टेंसिंग वाला फार्मूला फेल हो गया। महाराष्ट्र में सिस्टम इतना गड़बड़ा गया कि वहां पर साथ गए जीएम स्तर के अधिकारी भी लाचार हो गए।

बसों में श्रद्धालु, श्रमिक और ट्रक चालक सवार हो गए, उनको रोकने वाला कोई नहीं था। दरअसल, पंजाब सरकार को श्री हजूर साहिब से जो सूची मिली थी उसमें वहां के प्रबंधकों द्वारा कहा गया था कि पंजाब के दो हजार श्रद्धालु हैं। पंजाब सरकार की तरफ से 80 बसों का काफिला भेजा गया और इनोवा में ट्रांसपोर्ट अधिकारी थे। वहां पर बसों को देखकर इतनी अफरा तफरी मची कि जिसको जो बस मिली, उसमें सवार हो गया।
हालांकि सरकार की तरफ से अलग अलग जिलों के लिए रूट प्लान तैयार कर बसें भेजी गई थी लेकिन इनमें दो हजार के स्थान पर 2600 से अधिक लोग सवार हो गए। बाकी लोग वह थे, जो गेहूं की अगेतर कटाई के लिए मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे और काफी ट्रक चालक भी थे जो माल लेकर महाराष्ट्र गए हुए थे। काफी चालकों ने अपने ट्रकों को वहीं पर पार्किंग में लगाया और घर आने के लिए बसों में सवार हो गए।
अधिकारियों को खुद समझ नहीं आया कि किसको बस से उतारें और किसको चढ़ाया जाए। नांदेड़ साहिब में श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग हो चुकी थी और कोरोना का खतरा नहीं था लेकिन जो श्रमिक व ट्रक चालक थे, उनकी स्क्रीनिंग नहीं हुई थी और न ही उनका किसी स्थान पर नाम दर्ज था। ट्रांसपोर्ट विभाग ने उन लोगों को खोज निकाला है जो श्रद्धालु नहीं थे। ट्रांसपोर्ट विभाग ने बसों में सवार लोगों की सूची पंजाब पहुंचते ही तैयार कर ली थी। अब तमाम लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है।

 

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