सोलपट्टी की सुध कब लेंगे सरकार

कर्णप्रयाग। आपदा के 16 दिन बाद भी थराली तहसील के सोलपट्टी के 16 गांवों में आपदा राहत सामग्री तो दूर, यहां ग्रामीणों की सुध लेने के लिए भी कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंचा। क्षेत्र को जोड़ने वाला एकमात्र थराली-घाट मोटर मार्ग शुरूआत से ही अवरुद्ध है। क्षेत्र के गांवों में खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी वस्तुओं का भारी संकट बना हुआ है।
सोलपट्टी के केराबगड़, मेन, रतगांव, बूंगा, बुरसोल, गुमड़, कुनी, पार्था, रुईसांण, हरिनगर लिटाल, कुराड़, डुगरी, रुईसाण, कलचुना, रतगांव को आज भी विकास से वंचित हैं। शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी यहां कोई सरकारी योजना फलीभूत नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभ मिल सके। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को 15-25 किमी तक पैदल चलकर थराली पहुंचना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बुरसोल की ग्राम प्रधान डा. धनेश्वरी फरस्वाण ने बताया कि सोलपट्टी के गांवों को जोड़ने वाले सड़क और पैदल मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि फसल सहित ध्वस्त हो चुकी है। खाद्यान्न संकट गहराया हुआ है। लोगों के घरों में स्टोर किया हुआ अनाज खत्म होने को है। सरंपच भूपाल सिंह ने बताया कि आपदा के कारण बुग्यालों में ग्रामीणों के करीब ढाई सौ खच्चर भी मार गए है, लेकिन आज तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली है। क्षेत्र के समाजसेवी मोहन सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र मे अधिकांश गांवों की पेयजल लाइनें भी बरसात से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं गांवों में बीस दिनों से अंधेरा छाया हुआ है।

सोलपट्टी को जोड़ने वाले सड़क और पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पटवारी ने कुछ गांवों का निरीक्षण किया है। सरकारी राशन भेजने का प्रयास किया जा रहा है। ब्रह्मताल के ऊपर बुग्याली क्षेत्र के क्षेत्रीय ग्रामीणों के कई खच्चर भी मरे हैं, इसकी सूचना मिल चुकी है।
– विवेक प्रकाश, उप जिलाधिकारी थराली

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