
धर्मशाला। बाहरी राज्यों के ठग हिमाचल के लोगों को सोने की जगह तांबे के सिक्के बेचकर करोड़ों रुपये कमा गए। दो दर्जन सुनारों ने भी सोने के लालच में तांबा ही खरीद लिया है। बाद में जब मामला पुलिस में गया और सिक्कों की फोरेंसिक लैब में जांच की गई तो करोड़ों की ठगी होने का पर्दाफाश हुआ है। सूत्रों के मुताबिक बाहरी राज्यों से सोने के सिक्के बेचने आए ठग सुनार और लोगों को बहला फुसलाकर सोने की जगह तांबे के सिक्के बेचकर चले गए हैं। सोने के एक सिक्के को ठगों ने सुनारों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचा है। सुनारों को हवाला दिया था कि ये सोने के सिक्के उन्हें खुदाई के दौरान मिले हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरी में आकर इन सिक्कों को कम दामाें में बेचना पड़ रहा है। इन सोने के सिक्कों में एक ही सिक्का सोने का पाया गया, बाकी सब सिक्के तांबे के निकले।
फोरेंसिक लैब धर्मशाला में पिछले तीन माह में 40 के करीब ऐसे मामले प्रदेश भर से पहुंचे हैं। लैब ने यह भी खुलासा किया है कि इन तांबे के सिक्कों पर सोने का पॉलिश किया गया था। इनमें एकुरेरिया से धोने के बाद सोने का पानी चढ़ाया गया था। ठगों ने 40 रुपये कीमत का तांबा 15 से 20 हजार रुपये में बेच दिया।
उत्तराखंड में भी 7 लोग ठगे गए
उत्तराखंड से भी 7 लोग ठगी का शिकार हुए हैं। यहां पर ठग सोने की जगह तांबा बेचकर चले गए। इसके बाद सिक्कों की चमक ढीली पड़ने के बाद सिक्के तांबे के पाए गए। फोरेंसिक लैब से उत्तराखंड में रहने वाले लोगों को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
कोट्स
फोरेंसिक लैब शिमला के वैज्ञानिक अधिकारी नसीब पटियाल ने बताया कि बाहरी राज्याें के ठग प्रदेश में सोने की जगह तांबे को बेच रहे हैं। 40 मामले उनके पास जांच को पहुंचे हैं। इन तमाम मामलों में ठगों ने तांबा बेचकर करोड़ों रुपये कमाए हैं। इनमें सुनार भी ठगी का शिकार हुए हैं।
जांच-पड़ताल कर खरीदें सोने के सिक्के : पाल
फोरेंसिक लैब धर्मशाला के सहायक निदेशक एसके पाल ने कहा कि प्रदेश में ठग गिरोह सक्रिय है। लोग सोने के सिक्के जांच-पड़ताल करने के बाद ही खरीदें। ठग सोने की जगह तांबे के सिक्के बेचकर करोड़ों कमा चुके हैं।
