
रोहड़ू । हिमपात के बाद चार दिनों से ऊपरी शिमला के सैकड़ों गांवों में अंधेरा है। बर्फ से बिजली की लाइनों को भारी नुकसान हुआ है। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने रविवार को मौसम खुलने के बाद लाइनें ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। हिमपात के दौरान मेन टावर लाइन के बार-बार टूटने से बिजली बोर्ड ट्रांसमिश्न विंग की कार्यप्रणाली सवालों के कटघरे में है।
ऊपरी शिमला के चिड़गांव, जुब्बल, रोहड़ू, कोटखाई चौपाल के सैकड़ों गांवों में बारह फरवरी की रात से बिजली गुल है। अंधेरे के कारण बच्चों को परीक्षा की तैयारियां करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हिमपात से बिजली की लाइनें टूट कर जमीन में बिछी हुई है। लोगों के मोबाइल फोन एवं बिजली के चलने वाले अन्य उपकरण बंद पड़े हुए हैं। नब्बेे प्रतिशत गांव में लाइनों को ठीक करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी मौसम खुलने के बाद नहीं पहुंच पाए। हिमपात के कारण मेन टावर लाइन के टूटने से बिजली बोर्ड टावर ट्रांसमिशन बिंग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। टावर लाइन के टूटने से बोर्ड को हर दिन लाखों का नुकसान हो रहा है। पिछले साल भी हिमपात के दौरान टावर लाइन टूटने से करीब दस दिन बिजली बंद रही है।
बिजली बोर्ड के एसई निर्मल अत्री ने बताया कि टावर लाइन में खराबी आने के बाद बिजली बंद है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र में हिमपात से बिजली को भारी नुकसान हुआ है। भारी हिमपात के कारण अभी क्षेत्र से रिपोर्ट नहीं आई है। टावर लाइन ठीक करने के लिए कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया है।
