सेब मंडियों में पहुंचा टाइडमैन

कुमारसैन (शिमला)। क्षेत्र के निचले क्षेत्रों में बागवानों का टाइडमैन सेब मंडियों में पहुंचना शुरू हो गया है। हालांकि, मौसम खराब होने के चलते बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। लेकिन, बाजार में सेब के अच्छे दाम मिलने से बागवान खुश हैं। इसके अलावा नाशपाती भी मंडियों में पहुंच चुकी है। इन दिनों कुमारसैन के निचले क्षेत्र सवारी, शंनाद, किंगल, बड़ागांव और कोटगढ़ के निचले क्षेत्र मानण, सकुंदी, चिमल बैरी, भुट्टी और भड़गाव में बागवान सेब और नाशपाती तोड़ने में जुटे हैं। वहीं, बागवानों को सेब और नाशपाती के बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं। जबकि, बागवानों को सेब को दूसरे राज्यों में भेजने की जरूरत भी नहीं है। क्योंकि बागवानों को नारकंडा में ही अच्छे दाम मिल रहे हैं। नारंकडा के आढ़ती लाल चंद डोगरा और विक्की राणा का कहना है कि वे बागवानों को सेब और नाशपाती के अच्छे से अच्छे दाम मुहैया करवाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के पहले चरण में सेब की अरली ब्राइटी टाइडमैन के दाम 700 से 800 प्रति पेटी (20 किग्रा) और नाशपाती के दाम 1000 से 1500 तक प्रतिपेटी (20 किग्रा) हैं। क्षेत्र के बागवान रोशन लाल, आशू, विक्की और कोटगढ़ क्षेत्र के बागवान आशीष, कैलाश, बंटी और सुमन सरकैक का कहना है कि वे नारंकडा की मंडी में मिलने वाले दाम से खुश हैं। इससे उन्हें दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं है।

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