
रामपुर बुशहर। सेब के पौधे लगाने को मौसम अनुकूल होते ही पुराने बस अड्डे के आसपास निजी नर्सरी विक्रेताओं ने डेरा जमाना शुरू कर दिया है। दूरदराज से लाए पौधों की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं हुई है। पौधे धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। यह बागवानों से सीधा धोखा है। उद्यान विभाग गैर प्रमाणित नर्सरियां बेच रहे इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। रामपुर के पुराने बस अड्डे के आसपास इन दिनों जगह-जगह नर्सरी विक्रेता पौधे बेचते नजर आते हैं।
रामपुर के अलावा निरमंड और आनी से भी यहां पौधे बेचने को लाए जाते हैं। पौधे प्रमाणित नर्सरियों के हैं और ये गुणवत्ता में सही हैं, इसके बारे में किसी तरह की जांच नहीं हुई है। सही परख न होने से दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले भोले- भालेबागवान सड़क किनारे बिक रहे इन पौधों को खरीद कर घर ले जा रहे हैं। इनके साथ सरेआम धोखाधड़ी हो रही है। अत्याधिक खाद डालकर तैयार किए गए इन पौधों को बीमारी शीघ्र घेर लेती है। इससे बागवानों को नुकसान होता है। इधर, उद्यान विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डा. मनमोहन चौहान ने बताया कि बिना सर्टिफिकेशन के पौधे बेच रहे विक्रेताओं के खिलाफ जल्द अभियान छेड़ा जाएगा। पौधों की जांच की जाएगी और गुणवत्ता सही न पाए जाने पर पौधे जब्त होंगे। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि पौधे केवल विभाग की प्रमाणित नर्सरियों से ही खरीदें।
