
रामपुर बुशहर। अभी भारी बर्फबारी से सेब बगीचों को पहुंचे नुकसान से बागवान उभर नहीं पाए थे कि अब कुछ क्षेत्रों में सुंडियों ने बगीचों पर हमला कर दिया है। बागवानों को अपने बगीचे बचाने के लिए कीटनाशक दवाई नहीं मिल रही है। सेब को बचाने के लिए इस मौसम में दवाई का छिड़काव अति आवश्यक है। बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हफ्ते के भीतर दवाई का छिड़काव नहीं किया गया तो फसल बर्बाद हो सकती है।
क्षेत्र में बागवानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। इसके चलते बागवानों के सेब बगीचों पर कीटों के हमले का खतरा बना हुआ है। हालांकि, बागवान हर रोज बागवानी विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद बागवानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल रही हैं। बहाली क्षेत्र के बागवानों नरेंद्र कुमार भलूनी, सतपाल नेगी, श्याम लाल, मदन लाल नेगी, जय सिंह, गोपाल गायत, सूब राम, कुलदीप, अजय मेहता, जीवन सिंह सहित अन्य बागवानों का कहना है कि सेब की फसल को नुकसान पहुंचाने वाली सुंडियों ने फसल पर हमला कर दिया है। लेकिन, बागवानी विभाग के कार्यालय में कोई दवा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते बागवानों को दोगुने दामों में बाजार से कीटनाशक दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। इसके चलते गरीब बागवान बाजार से कीटनाशक दवाइयों को नहीं खरीद पा रहे हैं। इन बागवानों ने सरकार और बागवानी विभाग से मांग की है कि समय रहते कीटनाशक दवाइयां मुहैया करवाई जाएं। उधर, बागवानी अधिकारी मनमोहन चौहान ने बताया कि दो-चार दिन में दवाई उपलब्ध करवा दी जाएगी
