
पांगणा (मंडी)। एपल वैली करसोग के सेब उत्पादकों को इस बार सेब के किराये में प्रति पेटी दिल्ली मंडी तक 12 रुपये अधिक देने पड़ेंगे। करसोग उप मंडलाधिकारी विवेक चौहान की अध्यक्षता में फल उत्पादक संघ और ट्रक यूनियन की संयुक्त बैठक में यह किराया तय किया गया है। बैठक में कुछ बागवानों ने एक साथ बढ़ाए गए किराये पर आपत्ति जताई है।
एसडीएम विवेक चौहान ने कहा कि वर्ष 2010 में बागवानों और ट्रक आपरेटरों की बैठक में तय किराये में इस बार 12 रुपये बढ़ाए गए हैं। तय किराये के अनुसार एपल वैली करसोग के स्यांज बगड़ा, केहरो नाला, महासुधार, कोटलु, कतांड़ा, ठाकुरठाणा और खनोयोल बगड़ा से 71 रुपये प्रति पेटी देना होगा। हालांकि, बीते वर्ष यहां का किराया 59 रुपये ही था। तेबन, कोटी नाला ,सेरी कतांडा, मगरू सेरी से 72 रुपये, महोग, टिपरा, छतरी, गोपालपुर से 62 रुपये की जगह 74 रुपये प्रति पेटी देना होगा। बखरौट, चिंडी, चुराग, झरांड़ी, डाब, सपनोट, बथारनाला, ठड़ापानी से पुराने रेट 56 रुपये की जगह अब 68 रुपये तथा शोरशन, रेशटाधार, कोटला, बनोन, रांघण, पांगणा, सोरता, बिठरी, सनारली, भंथल, केलोधार से तय किराये के हिसाब से 57 की जगह 69 रुपये दिल्ली आजादपुर तक देने होंगे। मांहुनाग, सेरी, काओ काण्डी, मतेहल, जाछ, मशोेग, काहणु, वैहली, खडारगली, चौड़ीधार से पुराने रेट 58 की जगह 70 रुपये देने होंगे।
करसोग के ट्रक आपरेटरों ने रेट बढ़ाने पर खुशी जाहिर की है। वहीं वैली के अधिकतर बागवान व फल उत्पादक रेट बढ़ाने से नाखुश हैं। एसडीएम विवेक चौहान ने कहा है कि किराये में बढ़ोतरी इससे पहले 2008 में की गई थी। इस बार सेब लोडिंग करने वाले मजदूरों को प्रति पेटी सेब लदान में पहले से 50 पैसे बढ़ाए गए हैं।
