
नूरपुर (कांगड़ा)। इस बार सेब को बाहरी राज्यों की मंडियों तक पहुंचाने के लिए सरकारी अमला अभी से बागवानों को ट्रांसपोर्टरों की सुविधा मुहैया करवाने में जुट गया है। इसी कड़ी में शिमला के एडीसी डा. नरेश कुमार लट्ठ ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय नूरपुर में सेब ढुलाई के लिए ज्यादा से ज्यादा ट्रकों की व्यवस्था करने के लिए नूरपुर, जसूर और डमटाल की ट्रक यूनियनों के प्रतिनिधियों से बैठक की और उनसे सेब ढुलाई के लिए बागवानों को ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा उपलब्ध करवाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि सेब सीजन में फसल की ढुलाई के लिए बागवानों को कम से कम ढाई हजार ट्रक उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि बगीचों से सेब को मंडियों तक समय पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए नंगल, नालागढ़, नूरपुर और पठानकोट में ट्रक ऑपरेटर यूनियनों के प्रतिनिधियों से बैठक की गई है। उन्होंने बताया कि नूरपुर, जसूर, डमटाल और पठानकोट से करीब 250 ट्रक, ऊना जिला से लगभग 500, नंगल, कीरतपुर, आनंदपुर साहिब और जीरकपुर से करीब एक हजार ट्रकों को सेब ढुलाई के लिए शिमला भेजने की व्यवस्था की जा रही है। लट्ठ ने प्रशासन की तरफ से ट्रक आपरेटरों को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सेब ढुलाई करने वाले ट्रकों से एंट्री टैक्स और गुड्स टैक्स नहीं लेने का निर्णय लिया है। पिछले साल की तुलना में इस बार किराये में भी 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। शिमला के ऊपरी इलाकों से सेब की फसल दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य बाहरी राज्यों की मंडियों में भेजी जाएगी। इस मौके पर एसडीएम नूरपुर अश्वनी सूद, तहसीलदार अरुण शर्मा के अलावा ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद थे।
