
कोटखाई (शिमला)। क्षेत्र में सेब बगीचों में माइट कीट ने हमला बोल दिया है। इस कीट के हमले से जहां पौधों के पत्तों को नुकसान पहुंचा है, वहीं सेब का पौधा भी नष्ट हो जाता है। इन कीटों ने
सपोइल, कऊल, शलखाड़ा, रतनाड़ी, बिसनाल और बखराला क्षेत्रों के बगीचों में हमला किया है।
यह कीट गर्मी अधिक होने के कारण सेब की फसल पर हमला करते हैं। क्षेत्र के बागवानों में मस्त राम, गुमान सिंह, रिछपाल, धर्मपाल, ओम प्रकाश, जगदीश भोल्टा, प्रेम चौहान, दुलाराम, मनमोहन, विपन ठाकुर, सार चंद, नरेंद्र कुमार, सदानंद, लाइक राम और रोशन लाल ने बताया कि तापमान अधिक होने के कारण यह कीट फसल पर हमला करता है। इन बागवानों का कहना है कि यह कीट जहां पत्तों को नुकसान पहुंचाता है, वहीं इससे सेब की फसल और पौधों को भी नुकसान पहुंचता है। बागवानों को अब अपनी फसल की चिंता सता रही है।
ऐसे करें माइट कीट से बचाव
कोटखाई के पौध संरक्षण अधिकारी एनपी सिंह ने बताया की जहां-जहां सेब बगीचे में माइट कीट ने हमला शुरू कर दिया है, वहां कीट नाशक के छिड़काव के अलावा बगीचों में पत्तों की जांच करें और अलग-अलग पौधों से सौ पत्तों की जांच करें। जिन पत्तों पर माइट तीन से कम नजर आएं उनमें बागवान हार्टीकल्चरल मिनरल स्प्रे का प्रयोग करें। वहीं, तीन से अधिक माइट पर बागवान मैडिन दो सौ लीटर पानी में दो सौ एमएल और डाईको मास दो सौ लीटर पानी में चार सौ एमएलका घोल मिलाकर छिड़काव करें। इस दवा का सुबह और शाम के समय ही छिड़काव करें।
