
शिमला। घरों में सेंध लगाकर चुटकियों में जिंदगी भर की कमाई लूटने वाले गिरोह के सदस्य नाबालिग हैं। केवल इनका सरगना बीस साल का है, जो पुलिस गिरफ्त में आ चुका है। शहर भर में दिन के उजाले में हुई छह सेंधमारी की वारदातों में अब तक इनका हाथ बताया जा रहा है। चोरी के बाद सारा माल आपस में बांट लेते थे। इतना ही नहीं, अगर एक सोने का मंगलसूत्र हाथ लगा तो इसके भी तीन या इससे अधिक टुकड़े कर देते थे। गिरोह के सरगना ने पुलिस पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा किया है। इसके नाबालिग साथियों की पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का सेंध लगाने का नायाब तरीका है। यह मकान का ताला तोड़ने की जगह रोशनदान से घर के भीतर दाखिल होते हैं। अगर रोशनदान पंद्रह से बीस फुट की ऊंचाई पर भी हो तो यह एक दूसरे की सीढ़ी बनाकर आराम से वहां तक पहुंच जाते हैं और नाबालिग को भीतर दाखिल करवा देते हैं। भीतर पहुंचने वाला आरोपी कोई खिड़की या कोई दरवाजा खोलकर गैंग के दूसरे सदस्यों को अंदर तक पहुंचा देता है। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले सड़क किनारे सीवरेज के ढक्कन, लोहे के पाइप चुराते रहे हैं लेकिन कुछ समय से घरों में चोरियां कर रहे हैं। दिन के समय कूड़ा बीनने का नाटक रचकर रिहायशी इलाके की टोह लेते हैं और मौका देखकर सेंध लगाकर माल समेट ले जाते हैं।
——
चोरी का सामान बरामद होने की उम्मीद
इस गिरोह ने एक दिन में आईएएस कालोनी, सरगीण और संजौली में सेंधमारी की वारदात को अंजाम दिया। सोमवार को गिरोह का सरगना पुलिस के हाथ चढ़ा। इससे करीब साढ़े तीन लाख के जेवर बरामद किए गए। मंगलवार को संजौली के ढींगू धार में भी सेंधमारी की शिकायत पुलिस को मिली है। बताया जा रहा है कि घर के मालिक चौबीस मई से घर पर नहीं थे। मंगलवार को घर आए तो घर से करीब नब्बे हजार कीमत का सामान चोरी था। यहां भी चोर रोशनदान से दाखिल हुए। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में भी इसी गिरोह का हाथ है।
डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि आरोपी गिरफ्त में है, वही बालिग है। गिरोह के बाकी सदस्य नाबालिग हैं। इनकी तलाश की जा रही है। दिन के उजाले में रिहायशी इलाकों में हुई सेंधमारी की सभी घटनाओं में इस गिरोह का हाथ है।
