सूखीढांग में बिजली-पानी का संकट

टनकपुर। सूखीढ़ाग क्षेत्र के ग्रामीण विभागों की लापरवाही से बिजली और पानी के संकट का सामना कर रहे हैं। सूचना के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था में आई दिक्कत को दूर न किए जाने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। उन्होंने 24 घंटे के अंदर व्यवस्था दुरुस्त न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सूखीढांग क्षेत्र गांवों की बिजली आपूर्ति चंपावत सब स्टेशन से जुड़ी है। खटोली, पछनई, स्वाला न्याय पंचायत में धौन से लेकर सूखीढ़ाग तक दर्जनों गांव बीते डेढ़ सप्ताह से अंधकार में हैं। बताया जाता है कि बनलेख के समीप पेड़ गिरने से लाइन का एक पोल टूटा पड़ा है। विभाग के मुताबिक लाइन के रख रखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, मगर ठेकेदार को इससे कोई सरोकार नहीं है। बिजली के साथ ही ग्रामीण पानी की समस्या से भी जूझ रहे हैं। श्यामलाताल-कांडा पंपिंग योजना के ठप होने से समूचे क्षेत्र की जलापूर्ति ठप है। उपेक्षित क्षेत्र महासंघ की अध्यक्षा हेमा कनवाल, महामंत्री शंकर जोशी, समाजसेवी श्याम दत्त जोशी का कहना है कि विभाग और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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