
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की यहां हुई बैठक में स्कूलों के सुगम और दुर्गम क्षेत्र निर्धारण में व्याप्त विसंगति पर आक्रोश जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक ही स्थान पर स्थित प्राथमिक और इंटर कालेजों को अलग-अलग श्रेणी में वर्गीकृत करना न्याय संगत नहीं है। इसके खिलाफ महासंघ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा।
महासंघ के पूर्व माध्यमिक संवर्ग के जिला महामंत्री राम चंद्र सिंह रौतेला ने कहा कि जिले में स्कूलों के सुगम दुर्गम चिह्नीकरण में व्यापक अनियमितताएं होने से शासन-प्रशासन की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीआईसी मजखाली दुर्गम और उससे लगा प्राथमिक स्कूल मजखाली सुगम श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। यही हाल बाड़ेछीना में स्थित स्कूलों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले स्कूल, ब्लाक स्तर पर मानकों के अनुसार चिन्हांकन किया गया, बाद में पुन: जिला स्तर पर चिन्हांकन के बाद इस प्रकार की विसंगतियां सामने आ रही हैं।
अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष प्रो. विजय प्रकाश पांडे ने कहा कि महासंघ स्कूलों में चिह्नीकरण प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाएगा। बैठक में रमेश धपोला, हरेंद्र बिष्ट, शंकर सिंह बिष्ट, जगदीश पांडे, अनिल श्रीवास्तव, डीबी सिंह, आरपी जोशी, अर्जुन बिष्ट, शिवनारायण सिंह, राम शब्द यादव, दीपक वर्मा, हीरा सिंह टोलिया, दीवान देवड़ी, अनीता गोस्वामी, महेश गोस्वामी, शंकर नगरकोटी आदि उपस्थित थे।
