
कोटद्वार। अनिवार्य स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत स्कूलों के सुगम-दुर्गम निर्धारण में सामने आ रही विसंगतियों को लेकर राज्य राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जर्ताई है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव को ज्ञापन भेज एक जैसी भौगोलिक परिस्थिति वाले स्कूलों को एक ही श्रेणी में रखने की मांग की है।
संघ की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष अनीता नेगी ने बताया कि दुगड्डा ब्लाक के मैदानी क्षेत्र में आने वाले स्कूलों को अलग-अलग श्रेणी में रखा गया है। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में पात्र शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। कहा कि अनुरोध के आधार पर पात्रता सूची में सी श्रेणी में पांच वर्ष की सेवा कर चुके अध्यापकों से ए और बी श्रेणी का विकल्प मांगा गया है, यही व्यवस्था वाई श्रेणी के सी, डी, ई और एफ श्रेणी में की जानी चाहिए। मंत्री राजेंद्र सिंह पाल ने कहा कि अटैच अध्यापकों का पूर्ण विवरण एवं सेवा की गणना व्यवस्था वाले स्थल पर भी की जानी चाहिए। इससे अध्यापकों की सुगम, दुर्गम की सेवा की वास्तविक स्थिति का पता चल पाएगा। उन्होंने संवर्ग परिवर्तन में स्थानांतरण प्रक्रिया में प्राथमिक अध्यापक, जूनियर अध्यापक, जूनियर प्राथमिक अध्यापकों को भी शामिल करने और उनके अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग उठाई।
बैठक में शशि चौधरी, अनीता बिष्ट, गोदांबरी बिष्ट, रेनु घिल्डियाल, तनुजा रावत, ममता रावत, मंजू राणा, गीता राणा शामिल थे।
