
नाहन (सिरमौर)। जिला भाजपा सिरमौर के अध्यक्ष की जिम्मेदारी पांवटा से पूर्व विधायक सुखराम चौधरी दूसरी बार संभालने जा रहे हैं। पार्टी ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है। शुक्रवार को पांवटा में होने वाली बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष की दौड़ में नाहन से विनय गुप्ता एवं विनोज शर्मा, पच्छाद से बलदेव भंडारी एवं निवर्तमान अध्यक्ष बलदेव तोमर के नाम पर चरचा तो हुई, लेकिन आखिर में अनुभव को तरजीह देते हुए संगठन ने सुखराम चौधरी को दूसरी बार जिला अध्यक्ष बनने का फैसला लिया है।
नाहन से वरिष्ठ भाजपा नेता विनय गुप्ता ने पहले टिकट की दावेदारी की थी। ऐन मौके पर उन्हाेंने डा. राजीव बिंदल को समर्थन ही नहीं दिया, बल्कि उनके प्रचार में भी पसीना बहाया। उनके जिलाध्यक्ष बनने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उनके नाम पर सर्वसम्मति नहीं बनी। ब्राह्मण कोटे से विनोज शर्मा को लेकर भी पांचों मंडलों में एका नहीं बना। बलदेव तोमर को दोबारा जिलाध्यक्ष बनने में पार्टी का नियम एक व्यक्ति एक पद का रूल आड़े आया। वह शिलाई से विधायक हैं। लोस चुनाव निकट होने के कारण पूर्व सीपीएस सुखराम चौधरी को ही अध्यक्ष की जिम्मेवादी सौंपी। वर्ष 2009 के लोस चुनाव में सांसद वीरेंद्र कश्यप को आठ हजार से अधिक मतों से बढ़त अकेले पांवटा विस क्षेत्र से मिली थी। ऐसे में वीरेंद्र कश्यप की पहली पसंद भी सुखराम ही बताए जाते हैं। पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर किसी युवा एवं नए चेहरे पर दांव खेलने का जोखिम नहीं उठाया। हालांकि, पार्टी के जानकारों का यह भी मानना है कि पांवटा मंडल भाजपा में कलह के कारण सुखराम चौधरी अपनी सीट तक नहीं बचा पाए तो वह जिले में भाजपा की गुटबाजी एवं मतभेद से कैसे निपटेंगे। लोकसभा चुनाव में वीरेंद्र कश्यप को बढ़त दिलाना भी सुखराम चौधरी के लिए कड़ी चुनौती होगी।
