सुंदरनगर में बिना पंजीकरण रह रहे थे आरोपी

सरकाघाट/रिवालसर (मंडी)। मासूम बच्ची के अपहरण मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है। हालांकि, दोनों ने अभी तक यह कबूल नहीं किया है कि उन्होंने बच्ची का अपहरण किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि दोनाें पिछले दो साल से सुंदरनगर के भोजपुर में रह रहे थे। इतने समय से यहां रहने के बावजूद पुलिस में उनका कोई पंजीकरण नहीं है। पूछताछ में मालूम हुआ है कि दोनों गांवों में जाकर तांबा-पीतल के बर्तनाें को साफ करते थे। इनका एक अन्य साथी भी है, जो अभी फरार है।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने उनका किसी तरह का कोई गिरोह होने की बात को नकारा है। मंगलवार को अगवा बच्ची की मां पर दो अज्ञात लोगाें द्वारा किए गए जानलेवा हमले से पुलिस की पूछताछ का दायरा अब और विस्तृत हो गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। मंगलवार को दोनाें आरोपियाें को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें पांच दिन का पुलिस रिमांड मिला है। विरेंद्र जसवाल एसएचओ पुलिस थाना सरकाघाट ने आरोपियों को सात सितंबर तक पांच दिन का पुलिस रिमांड मिलने की पुष्टि की है।

संदिग्ध पांच लोगों की धुनाई कर डाली
इस घटना के सामने आने से सरकाघाट तथा आसपास के क्षेत्राें में अब बच्चा चोर गिरोह होने की बातें जोर पकड़ने लगी हैं। गुस्साए लोग अब हर संदिग्ध लोगाें पर इसकी भड़ास निकाल रहे हैं। मंगलवार को रिवालसर में लोगाें ने संदिग्ध पांच लोगों की धुनाई कर डाली। पहले यहां से गुजर रहे संदिग्ध तीन लोगाें को लोगाें ने पीट-पीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। उनकी पहचान सुरजीत, रामस्वरूप एवं रणजीत सिंह निवासी झंडूता जिला बिलासपुर के रूप में हुई, जो ज्योतिषाचार्य का काम करते हैं। इससे अलावा कलखर में दो साधुओं की लोगों ने पिटाई कर दी जो नैणा देवी मंदिर जा रहे थे। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनाें को छोड़ दिया।

आरोपियों को नहीं जानते : चंद्रकांत
अगवा की गई बच्ची के पिता चंद्रकांत का कहना है कि पकड़े गए दोनाें आरोपियों को परिवार का कोई भी सदस्य नहीं जानता है। इससे पहले किसी ने भी उन्हें नहीं देखा है। उनसे किसी तरह की कोई रंजिश की बात नहीं है।

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