
चंडीगढ़ : पंजाब के सी.एम.प्रकाश सिंह की कोठी समक्ष धरना देने पहुंची शहीद पंजाब पुलिस कर्मचारियों की विधवाअों को पुलिस ने धरना देने से पहले ही उठा लिया। बता दें पुलिस ने एेसा कांग्रेसियों द्वारा लगाए धरने के मद्देनजर किया ।
गौरतलब है कि इससे पहले 1971 की जंग में दुश्मनों से लड़ाई लड़ते हुए सीमा पर शहीद की 45 साल की बेटी ने धरना दे सरकार को ललकारा था कि बादल साहिब, हमारे पिता आॅर्बिट की बस के नीचे आकर नहीं मरे जो आपने उनकी कीमत 20 लाख लगा दी है। वह 1971 की जंग में दुश्मनों से लड़ाई लड़ते हुए सीमा पर शहीद हुए हैं।
दो दर्जन से ज्यादा ये वे विधवाएं हैं, जिनके पति 1962, 1965 और 1971 की लड़ाईयों में शहीद हो गए। उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला क्योंकि ये समय पर आवेदन नहीं कर पाई थीं।
