
दमिश्क: सीरिया में केमिकल हथियारों को इस्तेमाल कर 1300 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। इन हथियारों का इस्तेमाल राजधानी दमिश्क के पास घाउटा क्षेत्र के सब-अर्बन इलाके में किया गया। इस बात का दावा सीरिया के मुख्य विपक्षी दल द्वारा किया गया है।
विपक्ष के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बुधवार को अलसुबह सेना ने विद्रोहियों पर रासायनिक हथियारों से दमिश्क के पास घाउटा रीजन के सब-अर्बन इलाके में किया गया है। सेना टॉक्सिक पदार्थ वाले राकेट लांच किए हैं।
मुख्य प्रतिपक्षी गठबंधन का कहना है कि इस हमले में 1300 से अधिक लोगों की मौत हो गई। जबकि सरकारी न्यूज एजेंसी साना का कहना है कि ये दावे एकदम आधारहीन है और यह संयुक्त राष्ट्र के जांच दल के सदस्यों को भटकाने के लिए किए जा रहे हैं।
सीरिया के विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति बशर अल-अशद की सेनाओं पर रसायनिक हमले का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें 1300 से अधिक लोग मारे गए हैं। यदि यह रिपोर्ट सही होती है तो क्या होगा। दशकों में यह केमिकल हथियारों से किया गया हमला सबसे बुरा अटैक हो सकता है।
असद के प्रमुख विपक्षी जार्ज सबारा ने कहा है कि विषैली गैस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1300 हो गई है। उन्होंने इस्तांनबुल में एक न्यूज कांफ्रेंस में कहा कि यह समय आतंक से कहीं अधिक सर्वनाश का है।
विपक्ष के एक मानिटरिंग ग्रुप ने मरने वालों की संख्या के एकत्रित आंकड़े के बारे में बताते हुए कहा कि 494 मौतों में 90 फीसदी गैस से हुई हैं शेष बमबारी और गोलीबारी में मारे गए हैं। रिबेल सिरियन नेशनल कोअलिशन ने कहा कि 650 लोग मारे गए हैं।
दमिश्क मीडिया ऑफिस के मॉनिटरिंग सेंटर ने कहा कि हम्मौरिया150 से अधिक शव , केफार बटना में100, डाउमा में 67, मौउदामिया में 76 और 40 इरबिब में बरामद हुए हैं।
