
बिलासपुर। कई वर्षों की सेवाओं के बावजूद पदोन्नति न मिल पाने से मायूस आईसीडीएस पर्यवेक्षकों ने बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) पदों के भर्ती व पदोन्नति नियमों में संशोधन की वकालत की है। आईसीडीएस पर्यवेक्षक संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि आरएंडपी रूल में बदलाव करके उन्हें सीडीपीओ पदों के लिए 80 फीसदी कोटा दिया जाए।
आईसीडीएस पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दलीप पोसवाल व महासचिव विक्रांत चौहान की अध्यक्षता में लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में आयोजित जिला कार्यकारिणी की बैठक में कहा गया कि यह वर्ग महिला एवं बाल विकास विभाग में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहा है। विभाग की सभी योजनाओं व सेवाओं का लाभ पर्यवेक्षकों के माध्यम से ही आम जनता तक पहुंचता है। इसके बावजूद विभाग में कार्यरत लगभग 800 पर्यवेक्षकों के लिए पदोन्नति का कोई अवसर नहीं है। पर्यवेक्षक के रूप में 25 वर्षों तक सेवाएं देने के बावजूद वे पदोन्नति के बगैर ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर सरकार से आग्रह किया गया कि पर्यवेक्षकों को पदोन्नति का लाभ देने के लिए सीडीपीओ पद के आरएंडपी रूल में संशोधन किया जाए। उन्हें इस पद पर पदोन्नति के लिए 80 फीसदी कोटा दिया जाए। बैठक में संघ की जिला अध्यक्ष सुषमा कुमारी, उपाध्यक्ष उषा नड्डा व सरोज, सचिव शक्ति सिंह व कोषाध्यक्ष सुनील शर्मा के साथ ही सदस्यों कांता चंदेल, विनोद, निर्मला, अंजना, सरोज, राजकुमारी व सुरेखा आदि ने भाग लिया।
