सीटू और आंगनबाड़ी यूनियन में बढ़ी तकरार

पधर (मंडी)। आंगनबाड़ी यूनियन इंटक और सीटू के बीच तकरार हो गई है। इंटक संबंधित आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान ललिता शर्मा, चंद्रावती और प्रोमिला ने सीटू पर आधारहीन बयानबाजी का आरोप लगाया है। इस पर यूनियन तल्ख हो गई है। आंगनबाड़ी यूनियन इंटक ने आंगनबाड़ी यूनियन सीटू के कुछ कार्यकर्ताओं का हवाला देकर सीटू को पहले अपने गिरेबान में झांकने की हिदायत दी है।
इंटक जिला अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में 37 हजार के करीब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी वर्करों की बीस वर्षों से अनदेखी के लिए सीटू जिम्मेवार है। इतने लंबे समय से किसान, मजदूरों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हक सरकार से दिलाने में सीटू नाकाम रही है।
उन्होेंने किसानों, मजदूरों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें हैं। आंगनबाड़ी वर्करों की नियुक्ति कांग्रेस सरकार की देन है। जब भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा है, वह कांग्रेस सरकारों की देन रही है। प्रोजेक्टों में सीटू यूनियन नेताओं ने अपनी राजनीति को चमकाने के मकसद से कई मजदूरों का भविष्य खराब कर दिया। लेकिन सतर फीसदी रोजगार के नाम पर हिमाचलियों को रोजगार नहीं मिला। आरोप लगाया कि धरनों और प्रदर्शनों के नाम पर सीटू ने सभी वर्गों का शोषण किया है। इंटक प्रधान ने कहा कि उनकी आंगनबाड़ी यूनियन प्रदेश में मजबूत है। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एकजुट होकर मंडी में मुख्यमंत्री कार्यक्रम सम्मेलन में एकजुट होकर अपना पक्ष रखेंगी।

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