सीएम ऑफिस पहुंचा आशियाना का विरोध

शिमला। नगर निगम के आशियाना टू प्रोजेक्ट का विरोध मुख्यमंत्री ऑफिस पहुंच गया है। अगस्त में निगम की मासिक बैठक में ढिंगू मंदिर के पास शहरी गरीबों के लिए मकान बनाने का विरोध करने के बाद क्षेत्र के पार्षदों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। वीरवार को मुख्यमंत्री दफ्तर में भाजपा, कांग्रेस और माकपा पार्षदों ने विरोध जताया और मकान किसी अन्य क्षेत्र में बनाने की मांग की।
संजौली व्यापार मंडल, स्त्री सभा, सनातन धर्म प्रबंधक कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम शिमला के पूर्व उपमहापौर हरीश जनारथा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नगर निगम शिमला द्वारा शहर के बीपीएल परिवारों के लिए जो आशियाने ढिंगू मंदिर के समीप बनाए जा रहे हैं, यह स्थान इसके लिए अनुकूल नहीं है। संजौली क्षेत्र में पहले ही घनी आबादी है और लोगों को पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। ढिंगू माता मंदिर शिमला का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और इस खुले स्थान पर विश्राम भी करते हैं। यहां केवल एंबुलेंस रोड है। बड़ी सड़क न होने से बीपीएल के 250 घर बनाना न केवल मुश्किल है बल्कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी संवदेनशील है।
इंजनघर वार्ड से कांग्रेस पार्षद सुशांत कपरेट, संजौली वार्ड से भाजपा पार्षद सत्या कौंडल और चम्याणा वार्ड से माकपा पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि निगम सदन में भी इस प्रस्ताव का विरोध किया गया है। जन हित में आशियाना टू का स्थान बदला जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रधान व्यापार मंडल संजौली शितेंद्र बातिश, प्रधान स्त्री सभा सत्या कपूर और प्रधान सनातन धर्म प्रबंधन कमेटी अश्वनी सूद सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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