सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा राजाजी पार्क पर ‘कब्जा’

हरियाली बचाने के जिम्मेदार अफसर ही पेड़ों की हत्या कराने में जुटे हैं। उनकी शह पर देहरादून से लेकर हरिद्वार तक हरे पेड़ों की हत्या करके कंकरीट के जंगल उगाए जा रहे हैं।

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हद तो यह है कि राजाजी पार्क की सीमा पर अपार्टमेंट बनाने के लिए पार्क प्रशासन और उत्तराखंड के प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव तक ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।

एक ओर राजाजी राष्ट्रीय पार्क को नेशनल टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी है। इसके आसपास ईको सेंसिटिव जोन भी घोषित किया जाना है। लेकिन इस संबंध में राजाजी पार्क के निदेशक से लेकर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसएस शर्मा तक गंभीर नहीं हैं।

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उन्होंने पार्क की सीमा पर निर्माण कराने के लिए आनन-फानन में एनओसी जारी कर दी। इससे पहले भी राजाजी पार्क प्रशासन गौहरी रेंज में रिजॉर्ट बनाने के लिए एनओसी जारी कर चुका है। गौहरी रेंज के पास तो एक पूर्व मंत्री का रिजॉर्ट भी बन चुका है।

रोक के बावजूद हो रहा निर्माण
राजाजी राष्ट्रीय पार्क की सीमा से सटे निर्मल अखाड़े की कुंभ छावनी की भूमि पर निर्मल कुंज का निर्माण हो गया है। भू-माफिया ने हरिद्वार विकास प्राधिकरण (एचडीए) से आश्रम के नाम पर 100 फ्लैटों की बिल्डिंग का नक्शा पास कराया था।

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बाद में एचडीए ने निर्माण पर रोक लगा दी, बावजूद इसके निर्माण कर दिया गया है। पिछले साल आश्रम का नक्शा पास कराने के बाद जब बिल्डरों ने निर्मल कुंज अपार्टमेंट के नाम से फ्लैट बुकिंग के होल्डिंग व बैनरों से शहर को पाटा तब एचडीए के अधिकारी हरकत में आए।

तत्कालीन सचिव जीएस रावत ने काम रुकवा दिया। स्वीकृत नक्शे पर भी रोक लगा दी। अब दो दिन पहले एचडीए के सहायक अभियंता आनंदराम आर्य व अवर अभियंता निर्मल कुंज जाकर निर्माण कार्य रुकवाया, लेकिन उनके जाते ही काम फिर शुरू हो गया।

पार्क और निर्मल कुंज में 25 फुट का फासला
निर्मल छावनी की कुंभ भूमि में प्रस्तावित निर्मल कुंज अपार्टमेंट और राजाजी राष्ट्रीय पार्क की सीमा के बीच मात्र 25 फुट की दूरी है। यह जगह पार्क वन्यजीव प्रतिपालक और डीएफओ कार्यालय के ठीक सामने है।

केवल ज्वालापुर बाइपास रोड ही इसके बीच में है। निर्मल छावनी का घना बाग काटकर कई मंजिला निर्मल कुंज अपार्टमेंट बनाया जा रहा है। बाग में पार्क के जानवर भी दीवार फांदकर आते रहते हैं।

कंडोली में पांच के नाम पर कटे 12 पेड़
देहरादून के मयूर विहार के कंडोली में पांच के नाम पर 12 पेड़ों की हत्या कर दी गई है। इस प्रकरण को उद्यान से लेकर
जंगलात महकमे की ओर से दबाने की कोशिश की जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को पांच और हरे पेड़ों की हत्या कर दी गई, लेकिन इसकी भनक जंगलात महकमे के कर्मचारियों को नहीं लगी। पहले दिन कटे 12 में से सात पेड़ों को शमन की तैयारी की जा रही है। उक्त भूमि पर दर्जनों फलदार पेड़ हैं, जिस पर अपार्टमेंट बनाने की तैयारी है।

आश्रम के स्वीकृत नक्शे पर रोक लगी है। बिल्डरों ने नक्शा रिवाइज कर ग्रुप हाउसिंग का बना दिया है, लेकिन उस पर भी आपत्ति लगाई गई है। किसी भी हालत में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। यदि रोकने के बाद भी काम होता पाया गया तो सील कर दिया जाएगा।
– अनिल कुमार त्यागी, प्रभारी सचिव एचडीए

आश्रम की जमीन पर निर्माण से वन्यजीवों को नुकसान नहीं होगा। एचडीए ने भी मानचित्र पास किया है। इसी को ध्यान में रखकर एनओसी दी गई है।

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